ज़ोहरा जबीं" (या ओ मेरी ज़ोहरा-जबीं) एक ऐसा शब्द है जिसे सुनते ही फिल्म 'वक्त' (1965) का मन्ना डे द्वारा गाया हुआ सदाबहार गाना याद आ जाता है। यह मूल रूप से उर्दू और फारसी (Persian) भाषा का एक बेहद खूबसूरत और काव्यात्मक शब्द है, जो किसी की अत्यधिक सुंदरता की तारीफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
इस शब्द का संधि-विच्छेद और विस्तृत अर्थ इस प्रकार है:
शब्दों का अलग-अलग अर्थ:
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ज़ोहरा (Zohra / Zuhra): अरबी और फारसी में 'ज़ोहरा' का अर्थ होता है "शुक्र ग्रह" (Venus Planet)। खगोल विज्ञान और पौराणिक कथाओं में शुक्र ग्रह को चमक, सौंदर्य, प्रेम और आकर्षण का देवता/प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा इसका अर्थ 'चमकता हुआ चेहरा' या 'भोर का तारा' भी होता है।
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जबीं (Jabeen): उर्दू और फारसी में 'जबीं' का अर्थ होता है "माथा" या "ललाट" (Forehead)।
संयुक्त अर्थ (Complete Meaning):
जब इन दोनों शब्दों को मिला दिया जाता है, तो 'ज़ोहरा-जबीं' का शाब्दिक अर्थ बनता है: "वह व्यक्ति जिसका माथा या मुखड़ा शुक्र ग्रह की तरह चमकता और सुंदर हो।"
काव्यात्मक और व्यावहारिक भाषा में इसके निम्नलिखित अर्थ निकाले जाते हैं:
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अत्यंत सुंदर और रूपवान महिला (Exquisite Beauty).
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चाँद जैसे चेहरे वाली या नूरानी चेहरे वाली।
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जिसके चेहरे पर एक अलौकिक चमक और शालीनता हो।
शायरी और गज़लों में प्रेमी अपनी प्रेमिका के सौंदर्य को सर्वोच्च उपमा देने के लिए इस शब्द का प्रयोग बड़े आदर और प्रेम के साथ करते हैं।