H
Updated on Mar 18, 2024others

बाइपोलर डिसऑर्डर क्या है

8
1 Answers

avatar
Answered on Mar 18, 2024

आज की खराब दिनचर्या से हर व्यक्ति पीड़ित है। वह ना तो समय पर खाना खा पाता है और ना ही अपने लिए सुकुन के कुछ पल निकाल पाता । 

ऐसे मे वह व्यक्ति किसी ना किसी मानसिक रोग का शिकार हो ही जाता हैं। 

कई व्यक्ति अपनी समस्याओं , अपनी परेशानियों, सुख, दुख को किसी के साथ साझा नही करते और नतीजा मानसिक रोग का रूप ले लेता है। 

उन्ही मानसिक रोगों मे से एक का नाम बाइपोलर डिसऑडर। 

 

यह एक ऐसा मानसिक रोग है जिसमे व्यक्ति दो हिस्सों मे बट जाता है। कभी वह खुद को सुखी व्यक्ति, ऊर्जा से भरा हुआ तनाव से मुक्त, हर कामो को करने व्यक्ति समझता है तो कभी वह थका , हारा हुआ व्यक्ति,  तनाव से भरा हुआ महसूस करता है। 

इस मानसिक रोग मे अकसर व्यक्ति गलत तरह की मानसिकता जैसे  आत्महत्या, नशीले पदार्थो का सेवन  जैसे विचारो की और आगे बढ़ता है। 

इस डिसओर्डर मे नींद मे कमी आ जाती है, वजन अचानक कम या ज्यादा हो जाता हैं , व्यवहार मे परिवर्तन होने लगता हैं। विशेषज्ञो के अनुसार यह मानसिक रोग आनुवंशिक ज्यादा होता है। जैसे पीढी मे किसी को यदि यह रोग है तो नई जन्मी पीढी मे यह रोग होने की संभावना 40% तक बढ़ जाती है। माँ -  बाप को यदि यह रोग है तो बच्चा भी इस रोग से ग्रसित हो सकता हैं।

यह डिसओर्डर का कोई संभव ईलाज नही है। मरीज की उचित देखभाल ही इसका ईलाज माना गया है। 

हर साल लगभग इस बाइपोलर डिसओर्डर से 150 से अधिक लोग ग्रसित होते है और उन मे से केवल 60 से 70% मरीजो का भी ईलाज नही हो पाता। 

यह मानसिक रोग की जानकारी के लिए हर साल 30 मार्च को वर्ल्ड बाइपोलर डिसओर्डर डे मनाया जाता है। 

 

 

 

 

Letsdiskuss

1