दोस्तो, हम कई बार ऐसे शब्द सुनते है या पढ़ते है जिसके पर्यायवाची को तो हम जानते है,लेकिन उसके असली नाम से अंजान रहते है। वैसे ही सुमिल यादव जी ने प्रश्न किया की स्वान किसे कहते है? तो सुमिल जी को जवाब देना चाहती हूँ के स्वान हंस को कहा जाता हैं।
हंस नाम से सभी समझ गए होंगे। क्योकि हम हंस नाम से परिचित है।
आइये स्वान याने हंस के बारे में कुछ तथ्यो को जानते है।
हंस को सबसे खूबसूरत पक्षियों में से एक माना जाता है। आपने सफेद हंस तो देखे ही होंगे क्या आपने कभी काले हंस देखे है जी हाँ आस्ट्रेलिया में काले रंग के हंस पाए जाते है।
अब हँसो की केवल 6 प्रजातियाँ ही शेष रह गई है। इनके शरीर पर 25000 से भी ज्यादा पंख होते है। यह उड़ने वाले पक्षियों में गिने जाते है और इनका वजन लगभग, 15 किलो के आस पास होता है। नर हंस का आकर मादा हंस की तुलना में अधिक होता है।
हंसो को प्रेम का प्रतिक माना जाता है क्योकि यह मादा हंस का साथ जीवनभर देते हैं। यह सबसे वफादार पक्षियों में से एक है।
मादा हंस 3 से 9 अंडे दे सकती हैं। इनके अंडो से बच्चे, 35 - 40 दिनों में बाहर आते है।
हँसो की यादाश्त बहुत तेज होती है। यह शांत पक्षी है।
जब यह उड़ते है तो समूह मे तब यह वी आकार में उड़ते है।
बच्चों या अंडो की रक्षा में यह दुसरो शिकारियों पर हमला करने से पीछे नही हटते।
हंस अपने बच्चों की देखभाल 6 महीने तक ही करती हैं उसके बाद वह बच्चों को अकेला छोड़ देती है और बच्चे भी आत्मनिर्भर हो जाते है और अपना भोजन स्वयं ढूढने लगते है। इनका जीवनकाल केवल 20 से 30 साल तक ही होती हैं। इनके दांत नही होते है यह अपनी चोंच मारकर अपनी रक्षा करते है।


