सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर कैंसर है, जो गर्भाशय ग्रीवा (cervix) को प्रभावित करता है। गर्भाशय ग्रीवा गर्भाशय का निचला भाग होता है जो योनि से जुड़ता है। यह कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) के संक्रमण के कारण होता है। HPV एक यौन संचारित रोग (STD) है, जो यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है।
सर्वाइकल कैंसर के लक्षण:
- योनि से असामान्य रक्तस्राव, विशेष रूप से मासिक धर्म के बीच या यौन गतिविधि के बाद
- योनि से पानी जैसा या दुर्गंधयुक्त स्राव
- पेट दर्द
- पेल्विक दर्द
- दर्दनाक संभोग
- थकान
- वजन कम होना
सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए:
- HPV टीकाकरण:HPV टीका 9 से 26 वर्ष की आयु की लड़कियों और महिलाओं के लिए उपलब्ध है। यह टीका HPV के 9 प्रकारों से बचाता है जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं।
- नियमित पैप स्मीयर टेस्ट:पैप स्मीयर टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं का एक सरल और प्रभावी परीक्षण है जो असामान्य कोशिकाओं का पता लगा सकता है। 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को हर 3 साल में पैप स्मीयर टेस्ट करवाना चाहिए।
- सुरक्षित यौन संबंध:कंडोम का उपयोग HPV सहित STDs के संक्रमण के खतरे को कम कर सकता है।
- धूम्रपान न करना:धूम्रपान सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है।
सर्वाइकल कैंसर का उपचार:
सर्वाइकल कैंसर का उपचार कैंसर के चरण, रोगी की उम्र और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। उपचार के विकल्पों में शामिल हैं:
- सर्जरी:कैंसरग्रस्त ऊतक को हटाने के लिए सर्जरी
- विकिरण चिकित्सा:कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए उच्च ऊर्जा वाले विकिरण का उपयोग
- कीमोथेरपी: कैंसर कोशिकाओं को मिटाने के लिए दवाओं का उपयोग
- इम्यूनोथेरपी:प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर से लड़ने में मदद करने के लिए दवाओं का उपयोग
सर्वाइकल कैंसर से बचाव:
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपाय HPV टीकाकरण, नियमित पैप स्मीयर टेस्ट और सुरक्षित यौन संबंध हैं। यदि आपको सर्वाइकल कैंसर के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
अतिरिक्त जानकारी:
- भारत में सर्वाइकल कैंसर:भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर होता है और लगभग 75,000 महिलाओं की मृत्यु हो जाती है।
- सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम:भारत सरकार ने 2017 में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। इस कार्यक्रम का लक्ष्य 2027 तक 90% लड़कियों को HPV टीका लगाना और 90% महिलाओं को नियमित पैप स्मीयर टेस्ट करवाना है।






