प्रत्यक्ष कर वे कर हैं,जिनके चुकाने का दायित्व एवं भार अंतिम रूप में एक ही व्यक्ति पर पड़ता है ! सरकार जिस व्यक्ति पर कर लगाती है,उसी व्यक्ति को अपनी आय मे से कर चुकाना पड़ता है ! वह दूसरों से इसे वस्तु की कीमत में जोड़कर या अन्य प्रकार से वसूल नहीं कर सकता अर्थात कर दबाव एवं कर का भार एक व्यक्ति पर पड़ता है! ऐसे करो को प्रत्यक्ष कर कहा जाता है जैसे आय कर धन कर आदि!
प्रो.मिल के अनुसार - "प्रत्यक्ष कर वह है जो उसी व्यक्ति से मांगा जाता है जिससे यह आशा या इच्छा की जाती है कि वह उसे अपने पास से देगा "!





