थर्माकोल जो अनपैकिंग के बाद इसे कूडेदान मे फेक दिया जाता है, क्योंकि थर्माकोल के हल्के होने के कारण कचरा बीनने वाले लोग इसे हाथ नहीं लगाते थे क्योकि थर्माकोल हल्का होता बेचने पर उन्हें पैसा कम मिलता था लेकिन अब थर्माकोल के टुकड़े यदि कूड़ेदान मे मिलते है तो तुरंत कचरा बीनने वाले उठा लेते है। क्योंकि अब थर्माकोल रिसाइकिलिंग करने वाली कंपनीयां थर्माकोल के पुराने टुकड़े बेचने पर कवाडी वालो को ज्यादा पैसे देने लगे है क्योकि थर्माकोल की डिमांड दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, शादी, पार्टी मे थर्माकोल से बनी थाली, गिलास, कटोरी का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है।
इसके अलावा रिसाइकिलिंग करने वाले कम्पनियाँ थर्माकोल को रिसाइकिलिंग करके नये थर्माकोल के बड़े -बड़े कॉर्टून बनाते है,जो सामान पैकिंग के काम आते है।

