बाल झड़ने को मेडिकल लाइन में एलोपेसिया एरेटा कहते हैं। अधिकतर देखा जाता है कि बाल झड़ने की समस्या से लोग बहुत परेशान होते हैं और बाल इतने टूटने लगते हैं कि इंसान गंजेपन होने की नौबत भी आ जाती है। और बाल झड़ने की सबसे बड़ी समस्या होती है हमारे मानसिक तनाव से अगर कोई हमारे दिमाग में टेंशन है तो उससे हमारे काफी ज्यादा बाल टूटने लगते हैं। और इन्हीं समस्या को लेकर मेडिकल में जाते हैं तो उन्हें एलोपेसिया एरेटा का नाम कहां जाता है.।
बाल झड़ने को मेडिकल लाइन में क्या कहते है?
अक्सर सभी लोगों में बाल झड़ने की समस्या पाई जाती है। चाहे वह महिला हो या पुरुष सभी के बाल सामान्य रूप से झड़ते है। लेकिन यदि यही बाल सामान्य से अधिक झड़ने लगे तो उसे हमें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। और इसी बाल झड़ने की समस्या को मेडिकल लाइन में एलोपेसिया के नाम से जाना जाता है। अगर मनुष्य के सर के बाल के साथ शरीर के भी बाल झड़ने लगे तो उसे हम एलोपेसिया एरेटा कहते हैं। जब हमारे बाल समान रूप से अधिक झड़ते हैं तो हमारे चेहरे पर गोल गोल्ड रंग के चकत्ते निकलने लगते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए हमारे पास कुछ घरेलू उपाय हैं। हमें प्याज के रस को स्कैल्प पर रगड़ने से कुछ दिनों में ही नए बाल उगने लगते हैं।
अक्सर हमारे बाल झड़ते हैं और हम अक्सर इसे इग्नोर करते रहते हैं,लेकिन जब हमारे बाल हद से ज्यादा टूटने लगते हैं तो हम काफी परेशान हो जाते हैं! इसी समस्या को मेडिकल लाइन में एलोपेसिया एरेटा कहते हैं। हमें बालों का हमेशा ध्यान रखना चाहिए ! धूल प्रदूषण से बचना चाहिए और अधिक से अधिक मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिए !कहा जाता है कि जितना हम तनाव करते हैं हमारे बाल उतने ही झड़ते हैं!
