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Vikas joshi· 6 years ago
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जीवन क्या है?

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दोस्तों क्या आप जानते हैं कि जीवन क्या कहलाता है नहीं जानते होंगे तो आज हम आपको इसकी जानकारी देंगे दोस्तों जीवन का मतलब होता है हमारे जन्म से लेकर मृत्यु के बीच की कालावधी ही जीवन कहलाती है। जो कि हमें ईश्वर के द्वारा प्रदान किया गया एक वरदान है। हमारा जन्म हमारी इच्छा से नहीं होता यह तो केवल नर और मादा के संभोग का परिणाम है जो कि प्रकृति के नियम के अंतर्गत आता है। यह जीवन हमें बड़े ही संघर्षों से मिलता है।इसलिए हमें अपने जीवन को सुखी पूर्वक बिताने के लिए किसी के साथ अन्याय नहीं करना चाहिए।Article image

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Krishna Patel
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Answered on12/13/22
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दोस्तों आज हम इस पोस्ट में जीवन की परिभाषा जानेंगे कि जीवन क्या होता है। जीवन जिसे अंग्रेजी में लाइव भी कहते हैं जीवन जन्म से लेकर मृत्यु तक के बीच में दिया गया काल अवधी को जीवन कहते हैं। जीवन हमारे लिए ईश्वर द्वारा दिया गया एक वरदान है। लेकिन जो हमारा जन्म है वह हमारी इच्छा से नहीं होता है यह नर और मादा के बीच हुए संभोग से होता है। हमारा जीवन एक दर्पण के समान होता है। जीवन का दूसरा नाम संघर्ष होता है। बिना संघर्ष के कोई भी मनुष्य अपना जीवन नहीं जी पता है। मनुष्य जीवन में संघर्ष करके ही अपने उद्देश्य की प्राप्ति कर सकता है।

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Answered by
V
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Answered on12/09/22
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जीवन की परिभाषा हर एक व्यक्ति के लिए अलग-अलग होती है। कोई भी व्यक्ति जीवन के अर्थ की वास्तविक परिभाषा नहीं बता सकता है। क्योंकि किसी के लिए जीवन खुशी है तो किसी के लिए परिवार का निर्माण, तो कुछ के लिए, धन संचय तो कुछ के लिए प्रेम को ही जीवन माना जाता है। इसलिए हमारा जीवन तो एक समय का चक्रव्यू होता हैैैै जो समय के अनुसार चलता रहता है। इसमें कभी दुख आता है तो कभी सुख आता है और यही व्यक्ति का जीवन होता है।Article image

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preeti  patel
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Answered on12/09/22
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जीवन हमारे जन्म से मृत्यु के बीच के कालावधी ही जीवन कहलाती है। जो कि हमें ईश्वर द्वारा दीया गया एक वरदान है। लेकिन हमारा जन्म क्या हमारे इच्छा होता है।नहीं, यह तो मात्र नर और मादा का सम्भोग का परिणाम होता है। जब प्रकृति के नियम के अंतर्गत है।

दोस्तों जीवन दर्पण के समान है, हमें अच्छे परिणाम तब मिलते हैं जब हम इसे देखकर मुस्कुराते हैं जीवन संस्कार प्राप्ति का दूसरा नाम है। मनुष्य जीवन नदी की भांति है।साधारण मनुष्य बहाव में बहते हैं। असाधारण मनुष्य अपने भाव से नई राहें बना लेता है।Article image

Answered by
Poonam Patel
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Answered on12/08/22
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वर्तमान में जीवन की परिभाषा के बारे में कोई आम सहमति नहीं है। एक लोकप्रिय परिभाषा यह है कि जीव खुले तंत्र हैं जो होमियोस्टैसिस को बनाए रखते हैं, कोशिकाओं से बने होते हैं, एक जीवन चक्र होता है, चयापचय से गुजरता है, बढ़ सकता है, अपने पर्यावरण के अनुकूल हो सकता है, उत्तेजनाओं का जवाब दे सकता है, प्रजनन कर सकता है और विकसित हो सकता है। अन्य परिभाषाओं में कभी-कभी गैर-सेलुलर जीवन रूप जैसे वायरस और विरोइड शामिल होते हैं। एबोजेनेसिस गैर-जीवित पदार्थ से उत्पन्न होने वाली जीवन की प्राकृतिक प्रक्रिया है, जैसे कि सरल कार्बनिक यौगिक। प्रचलित वैज्ञानिक परिकल्पना यह है कि निर्जीव से जीवित संस्थाओं में संक्रमण एक अकेली घटना नहीं थी, बल्कि बढ़ती जटिलता की एक क्रमिक प्रक्रिया थी। पृथ्वी पर जीवन पहली बार ४.२ अरब साल पहले दिखाई दिया था, जो कि ४.४१ अरब साल पहले समुद्र के निर्माण के तुरंत बाद हुआ था, और ४.५४ अरब साल पहले पृथ्वी के निर्माण के लंबे समय बाद नहीं हुआ था।

सबसे पहले ज्ञात जीवन रूप बैक्टीरिया के माइक्रोफोसिल हैं। आम तौर पर शोधकर्ताओं को लगता है कि पृथ्वी पर वर्तमान जीवन एक आरएनए दुनिया से उतरता है, हालांकि आरएनए-आधारित जीवन का अस्तित्व नहीं हो सकता है।
क्लासिक 1952 मिलर-उरे प्रयोग और इसी तरह के शोध से पता चला कि अधिकांश अमीनो एसिड, सभी जीवित जीवों में प्रयुक्त प्रोटीन के रासायनिक घटक, अकार्बनिक यौगिकों से उन स्थितियों के तहत संश्लेषित किए जा सकते हैं, जिनका उद्देश्य प्रारंभिक पृथ्वी की प्रतिकृति बनाना है। जटिल कार्बनिक अणु सौर मंडल में और इंटरस्टेलर स्पेस में होते हैं, और इन अणुओं ने पृथ्वी पर जीवन के विकास के लिए शुरुआती सामग्री प्रदान की हो सकती है।

Answered by
S
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Updated on04/28/26
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