वाउचर का आशय लेखा पुस्तकों से विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक सौदे प्रतिदिन लिखे जाते हैं!यह सौदे माल के क्रय- विक्रय,संपत्तियों के क्रय -विक्रय, रोकड़ संबंधित व्यवहार एवं कई अन्य प्रकार के व्यवहार होते है! इन व्यवहारों का लेखा पुस्तकों में लिखने के लिए किसी -न- किसी प्रकार की किसी लिखित, उचित या वैधानिक प्रमाणक की आवश्यकता होती है! ये लिखित पर प्रमाणक जिन पर ये लेखे आधारित होते हैं!स्त्रोत प्रपत्र या वाउचर के नाम से जाने जाते हैं!
परिभाषा -आइरिश के शब्दों में, " वाउचर प्राप्ति की रसीद,बीजक,अनुबंध,लिखित मांग या कोई भी उचित लिखित प्रमाण हो सकता है जो एक लिखित व्यवहार की पुष्टि करता है!
