राष्ट्रीय आय की अवधारणा का अर्थशास्त्र के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है अर्थशास्त्र में विवरण की किसी भी समस्या का अध्ययन करने के लिए राष्ट्रीय आय की धारणा को समझना आवश्यक होता है!
मार्शल की परिभाषा-
राष्ट्रीय आय की परिभाषा- सुप्रसिद्ध अर्थशास्त्री मार्शल ने राष्ट्रीय आय को इस प्रकार परिभाषित किया है -" किसी देश के श्रम एवं पूंजी द्वारा प्राकृतिक साधनों के सहयोग से प्रति वर्ष भौतिक और अभौतिक वस्तुओं और सेवाओं का जो शुद्ध उत्पादन होता है,उसके योग को शुद्ध राष्ट्रीय आय कहते हैं "! मार्शल की परिभाषा से निम्न बातें स्पष्ट होती है
राष्ट्रीय आय देश में होने वाले वस्तुओं एवं सेवाओं के उत्पादन पर अधारित है 
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@rajnipatel6804•Nov 17, 2021
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