अश्लीलता लोगो के नज़रियो मे होती है, कपड़े चाहे छोटे पहने या बड़े कपड़े हो यदि देखने वाली की नज़र अच्छी होनी चाहिए,उसके लिए सब अच्छा यदि देखने की नज़रिया गलत होती है तो उसके लिए सब कुछ अश्लीलता से ही भरा होता है।
अश्लील शब्द ईश्वर का रचा हुआ शब्द होता है, क्योंकि ज़ब बच्चे जन्म लेते है तो वह कपड़े पहनकर पैदा क्यों नहीं होते है? क्योंकि यह ईश्वर का ही रचा हुआ खेल होता है, इसलिए अश्लीलता शब्द सिर्फ महिलाओ के लिए ही क्यों प्रयोग किया जाता है, पुरुष तो बिना कपड़ो के इधर -उधर घूमते रहते है फिर उन्हें कुछ नहीं बोला जाता है। यदि महिलाएं छोटे कपड़े पहनकर घर से बाहर जाती है तो उनके साथ छेड़छाड़, रेप जैसे घिनोने अपराध होते है। इसमें महिलाओ, लड़कियों क्या गलती है क्या वह छोटे कपड़े नहीं पहन सकती है, उन्हें भी हक है अपना जीवन आपने तरीके से जीने का, छोटे कपड़े पहनने से महिलाएं लड़कियाँ चरित्रहींन नहीं हो जाती है।

और पढ़े-- लोगों के मन में अश्लील विचार आने का क्या कारण है ?




