Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
Othersब्राह्मण और पंडित में क्या अंतर होता है ...
A

Anushka

| Updated on February 27, 2024 | others

ब्राह्मण और पंडित में क्या अंतर होता है ?

2 Answers
S

@sonamsingh1730 | Posted on February 20, 2024

आईये दोस्तों आज हम आपको बताने वाली है कि ब्राह्मण और पंडित में क्या अंतर है।

 

 लेकिन इससे पहले जानते हैं कि ब्राह्मण और पंडित क्या होते हैं।

 

तो चलिए जानते हैं कि ब्राह्मण कौन है :-

 मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि ब्राह्मण शब्द की उत्पत्ति ब्रह्मा से हुई है। जिसका अर्थ होता है जो व्यक्ति ब्रह्मा को छोड़कर के किसी और को नहीं पूजता उसे ब्रह्मण  का नाम दिया गया है।

 

चलिए अब जानते हैं कि पंडित कौन है:-

मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि जब कोई व्यक्ति किसी विशेष ज्ञान को प्राप्त कर उसमें पारंगत होता है। तो उसे पांडित्य नाम से संबोधित किया जाता है जिसका पूर्णता अर्थ होता है कि किसी विशेष ज्ञान में पूरी तरह से कुशल होना। इसके अलावा इसमें एक शब्द का प्रयोग हुआ है पंड जिसका अर्थ होता है विद्वता जिसकी वजह से समझ आता है कि पंडित को विद्वान भी कहा जा सकता है।

 

चलिए अब हम आपको पंडित और ब्राह्मण में क्या अंतर होता है इसकी जानकारी देते हैं:-

जो व्यक्ति किसी विषय में ज्ञानी होता है अधिकतर शास्त्रों में उसे हम पंडित कहते हैं। इसके अलावा जो व्यक्ति ब्रह्म शब्द का उच्चारण कर ईश्वर की आराधना करता है उसे हम ब्राह्मण कहते हैं।

 मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि जिन लोगों को वेदों का अच्छा ज्ञान होता है उन्हें हम पंडित कहते हैं और जो लोग ईश्वर में निस्वार्थ तरीके से अपना मन लगाते हैं उन्हें हम ब्राह्मण कहते हैं।

 मैं आपको बता दूं कि किसी विशेष विद्या का ज्ञान रखने वाला ही पंडित कहलाता है। इसके अलावा ब्राह्मण शब्द ब्रह्म से बना है जो ब्रह्म को छोड़कर अन्य किसी देवता को नहीं पूजता वह ब्राह्मण कहलाता है। इस प्रकार मैंने आपको यहां पर पंडित और ब्राह्मण में अंतर बता दिया है।

Letsdiskuss

 

0 Comments
logo

@kirankushwaha3551 | Posted on February 25, 2024

चलिए दोस्तों आज मैं आपको पंडित और ब्राह्मण में अंतर बताती हूं।बहुत से लोग ऐसे होते हैं जिनको पता ही नहीं होता है कि पंडित और ब्राह्मण में अंतर होता है वह लोग हमेशा पंडित और ब्राह्मण को एक ही समझते हैं। इस पोस्ट के जरिए मैं आपको पंडित और ब्राह्मण में कई सारे अंतरो को स्पष्ट कर देती हूं।

ब्राह्मण - ब्राह्मण वह होता है जो केवल ब्रह्मा को मानता है और ब्रह्मा की पूजा करता है। अर्थात वह ब्रह्म को ही निस्वार्थ भाव से पूजता है। यानी  ब्रह्मा को पूजने के आगे उसका कोई स्वार्थ नहीं होता है वह निस्वार्थ भाव से ब्रह्मा की पूजा करता है। वह सभी देवी देवताओं को छोड़कर केवल ब्रह्मा की पूजा करता है।

पंडित- पंडित वे होते हैं जिन्हें विशेष ज्ञान होता है। और वह अपने ज्ञान को लोगों में बाटते हैं। पंडित विशेष ज्ञान का अध्ययन करके उस ज्ञान को लोगों में बाटते हैं। पंडित वे होते हैं जो लोगों को कथा, भागवत, पौराणिक कथा, शादी विवाह, की कथा यह सब पंडित का कार्य होता है यह सभी कार्य पंडित करवाते हैं। पंडित में कई प्रकार के ज्ञान का होता है इसलिए पंडित को विद्वान भी कहा जाता है।

 सभी लोगों के अपने-अपने पंडित होते हैं और वह पंडितों को शादी ब्याह में न्योतते हैं और उन्हें खाना खिलाते हैं। सभी घरों में  सभी के अलग-अलग पूज्य पंडित होते हैं। जिस पंडित से वह गुरु दीक्षा लेते हैं और उनसे अपने सभी मांगलिक कार्य करवाते हैं।

निष्कर्ष- ब्राह्मण सभी देवी देवताओं को छोड़कर केवल ब्रह्मा को पूजता है मतलब ब्राह्मण के पास कोई विशेष ज्ञान नहीं होता है वह केवल ब्रह्मा की पूजा करता है जबकि पंडित के पास विशेष ज्ञान होता है और वह पूजा- पाठ,कथा,भागवत,पुराण आदि करवाता है। पंडित के लोग पूजा भी करते हैं और उनसे विशेष प्रकार के गुरु दीक्षा भी लेते हैं जबकि ब्राह्मण से गुरु दीक्षा आदि नहीं लेते हैं।Article image

0 Comments