चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान में क्या अंतर है।
- वंदे मातरम राष्ट्रगीत है जबकि जन गण मन अधिनायक को राष्ट्रगान कहा जाता है।
- वंदे मातरम की रचना बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने संस्कृत भाषा में की थी जबकि राष्ट्रगान की रचना रविंद्र नाथ टैगोर जी द्वारा की गई थी।
- वंदे मातरम 65 सेकंड का होता है जबकि राष्ट्रगान 52 सेकंड का होता है।
- वंदे मातरम राष्ट्रगीत का अर्थ होता है कि मैं माता की वंदना करता हूं जबकि राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक जय हो भारत भाग्य विधाता जय हो जय हो का अर्थ होता है कि भारत की जनता, भारत के लोग,अपने पूरे मन से आपको भारत का भाग्य विधाता मानते हैं। हे अधिनायक आप ही भारत के भाग्य विधाता आपकी जय हो जय हो।
- राष्ट्रगीत वंदे मातरम देवनगरी लिपि अर्थात संस्कृत भाषा में लिखा गया है जबकि राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक बंगाली भाषा में लिखा गया है।
- राष्ट्रगीत वंदे मातरम में भारत माता यानी मां दुर्गा को राष्ट्र के रूप में माना गया है जबकि राष्ट्रगान जन गण मन अधिनायक इंग्लैंड के राजा जॉर्ज पंचम के स्वागत के लिए गाया गया था।
लेकिन मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों ही देश के सम्मान के लिए गाया जाता है और यह हमेशा सावधान की मुद्रा में खड़े होकर गया जाता है। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान की शुरुआत देश की आजादी के समय से हो गई थी और यह देश की आजादी के सम्मान की रक्षा करने के लिए भी गया जाता है। देश को आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी इसी कारण 15 अगस्त दिन को हर साल स्वतंत्रता दिवस के नाम से जाता है। 15 अगस्त के दिन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों सावधान की मुद्रा में खड़े होकर गाए जाते हैं।
इस प्रकार हमारा कर्तव्य होता है कि हमे देश के आजादी के दिन राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान को अवश्य गाना चाहिए।
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