एक पुरुष होने के बारे मे सबसे कठिन बात यह होती है, पुरुष अपनी जरूरतो क़ो नज़रअंदाज करते हुये सबसे पहले आपने परिवार वालो और अपने बीवी, बच्चो की जरूरतों क़ो ध्यान रखते हुये वह कड़ी मेहनत करते है ताकि वह उनकी हर एक जरूरत क़ो पूरा कर सके। क्योंकि पुरुष होने का मतलब यह नहीं है कि वह आजाद है बल्कि उनकी भी जिम्मेदारीरियां होती है आपने परिवार क़ो लेकर, पुरुषो क़ो आपने जीवन मे बहुत से कठिन संघर्षो का सामना करना पड़ता है।
एक पुरुष होने के बारे में सबसे कठिन बात क्या है?
दोस्तों पुरुष होना भी कोई आसान बात नहीं है पुरुष में इंसान होता है जो अपने जरूरत को नजर अंदाज करते हुए अपने परिवार की जरूरत को सबसे पहले समझता है। वह सबसे बड़ी जिम्मेदारी ही अपने परिवार को ही मानता है और अपने परिवार की जरूरत के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करता है जय इंसान का भी घर में काम नहीं करता वह भी बाहर जाकर अपने कपड़े स्वयं से होता है अगर अपने परिवार के लिए दिन रात कमाता है।

बहुत से लोगों को लगता है कि पुरुष का जीवन बहुत ही आसान होता है लेकिन मैं आपको बता दूं कि पुरुष का जीवन जितना सुनने में सरल लगता है उतना ही कठिन होता है क्योंकि पुरुषों के ऊपर घर की पूरी जिम्मेदारियां होती हैं यदि पुरुष घर का कोई भी काम नहीं करता तो उसका परिवार नहीं चल पाता पुरुष अपने परिवार को चलाने के लिए रात दिन मेहनत करता है अपनी जरूरत को नजर अंदाज करके अपने परिवार वालों की जरूरत को पूरा करने में रात दिन लगा देता है इसलिए मेरा मानना है कि पुरुषों का जीवन महिलाओं के जीवन से अधिक कठिन होता है।
