राजस्थान के राज्य गीत का नाम "केसरिया बालम" (पूरा नाम: केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देस) है।
यह गीत राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति, अतिथि सत्कार और मरुधरा की परंपरा को दर्शाता है। इस गीत से जुड़ी कुछ खास बातें नीचे दी गई हैं:
- मूल रूप: यह एक प्रसिद्ध मांड लोक गीत है।
- प्रसिद्धि: इस गीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाने का श्रेय बीकानेर की मांड गायिका अल्लाह जिलाई बाई को जाता है। उन्हें इसी वजह से "राजस्थान की मरु कोकिला" भी कहा जाता है।
- विषय: इस गीत में एक पत्नी अपने पति (बालम) के स्वागत में गाती है और उन्हें अपने देश (राजस्थान) आने का निमंत्रण देती है।
- पर्यटन: यह गीत राजस्थान पर्यटन का एक तरह से "एन्थम" बन चुका है, जो दुनिया भर के पर्यटकों को राजस्थान आने के लिए प्रेरित करता है।





