preeti  patel
preeti patel· 4 years ago
Simplifying learning through practical guides, educational resources, and easy-to-understand explanations.

राष्ट्रीय आय तथा आर्थिक कल्याण में क्या संबंध होते हैं?

26
10.5K

Join this conversation

Sort By

राष्ट्रीय आय किसी भी देश के आर्थिक कल्याण के सूचकांक का कार्य करती है!जब राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है,तब साधारण: यह कहा जाता है कि देश के व्यक्तियों के आर्थिक कल्याण में वृद्धि हो रही है!राष्ट्रीय आय और आर्थिक कल्याण दोनों ही मुद्रा के द्वारा मापे जाते हैं!

' कल्याण'(welfare ) शब्द बहुत विस्तृत अर्थ में प्रयोग किया जाता है!' कल्याण 'Article imageमानव अथवा समाज को प्राप्त होने वाले भौतिक सुख सुविधा का प्रतीक है दूसरे शब्दों में कल्याण मानव की वह मानसिक स्थिति प्रकट करता है जो प्रशंसा एवं संतुष्टि प्रदान करने में सहायक होती है!

Answered by
preeti  patel
View Profile
Answered on11/17/21
13

राष्ट्रीय आय तथा आर्थिक कल्याण में संबंध -
राष्ट्रीय तथा आर्थिक कल्याण अंतरलिखित है,तद्यपि इसके विषय में विस्तृत अध्ययन आवश्यक है!जानने के लिए कि आर्थिक कल्याण पर राष्ट्रीय का क्या प्रभाव पड़ता है हमें राष्ट्रीय आय की मात्रा एवं वितरण को ध्यान में रखकर निर्णय करना होगा कि राष्ट्रीय आय में वृद्धि तथा आर्थिक कल्याण पर क्या प्रभाव पड़ेगा अत : राष्ट्रीय आय एवं आर्थिक कल्याण के संबंध की व्याख्या निम्न दो शीर्षक के आधार पर की गई है!
1) राष्ट्रीय आय की मात्रा में परिवर्तन एवं आर्थिक कल्याण - राष्ट्रीय आय की मात्रा तथा आर्थिक कल्याण में सीधा संबंध होता है! आर्थिक कल्याण, राष्ट्रीय आय को घटाने या बढ़ने से बढ़ या घट जाती है! क्योंकि आय बढ़ाने से अधिक वस्तुओंउपयोग के लिए उपलब्ध हो जाती हैं और आय घटाने के उपलब्ध वस्तुओं की मात्रा में कमी आ जाती है!
2) राष्ट्रीय आय के विवरण में परिवर्तन एवं आर्थिक कल्याण - राष्ट्रीय आय में बढ़ाने से निर्धनों को प्राप्त होने वाली आय में वृद्धि हो गई या कमी नहीं हुई तो आर्थिक कल्याण में वृद्धि हो जाएगी!Article image

Answered by
R
Rajni PatelHealth & nutrition Specialist
View Profile
Answered on11/17/21
13

अर्थशास्त्र में राष्ट्रीय आय (National Income) और आर्थिक कल्याण (Economic Welfare) के बीच एक गहरा और धनात्मक (Positive) संबंध होता है। साधारण शब्दों में, जब किसी देश की राष्ट्रीय आय बढ़ती है, तो सामान्यतः वहां के लोगों का जीवन स्तर और कल्याण भी बेहतर होता है।

राष्ट्रीय आय और आर्थिक कल्याण के बीच मुख्य संबंध:

  • आय में वृद्धि और उपभोग: जब राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है, तो लोगों की क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ती है। इससे वे बेहतर भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा प्राप्त कर पाते हैं, जो सीधे तौर पर आर्थिक कल्याण को बढ़ाता है।
  • संसाधनों का वितरण: संबंध केवल आय बढ़ने से नहीं, बल्कि उसके वितरण से भी जुड़ा है। यदि बढ़ी हुई आय केवल कुछ अमीर लोगों तक सीमित रहे, तो आर्थिक कल्याण नहीं बढ़ेगा। कल्याण तब बढ़ता है जब आय का वितरण समान हो और वह समाज के गरीब तबके तक पहुँचे।
  • पिगू का दृष्टिकोण: प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ए.सी. पिगू के अनुसार, आर्थिक कल्याण सामाजिक कल्याण का वह भाग है जिसे मुद्रा (Money) के रूप में मापा जा सकता है। उनके अनुसार, राष्ट्रीय आय में वृद्धि तभी कल्याणकारी है जब वह निर्धनों के उपभोग में कमी न करे।
  • आय की संरचना: यदि राष्ट्रीय आय युद्ध सामग्री या हानिकारक वस्तुओं (जैसे शराब) के उत्पादन से बढ़ती है, तो आय तो बढ़ेगी लेकिन वास्तविक आर्थिक कल्याण घट सकता है।

निष्कर्ष: संक्षेप में, राष्ट्रीय आय आर्थिक कल्याण का एक महत्वपूर्ण सूचक (Indicator) है, लेकिन यह एकमात्र पैमाना नहीं है। वास्तविक कल्याण के लिए आय में वृद्धि के साथ-साथ स्वास्थ्य, पर्यावरण की सुरक्षा और न्यायपूर्ण वितरण भी अनिवार्य है।

Answered by
Ramesh Kumar
View Profile
Answered on03/12/26
0

अर्थशास्त्र में राष्ट्रीय आय और आर्थिक कल्याण एक-दूसरे के पूरक माने जाते हैं। सामान्य तौर पर, जब किसी देश की वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि होती है, तो लोगों के जीवन स्तर में सुधार होता है और आर्थिक कल्याण में भी वृद्धि होती है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री पीगू के अनुसार, आर्थिक कल्याण सामाजिक कल्याण का वह भाग है जिसे मुद्रा (Money) के रूप में मापा जा सकता है।

इन दोनों के बीच के संबंध को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  1. आय का स्तर: यदि राष्ट्रीय आय बढ़ती है, तो प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की संभावना होती है, जिससे लोग बेहतर भोजन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर पाते हैं।

  2. आय का वितरण: केवल आय बढ़ना काफी नहीं है। यदि बढ़ी हुई आय का वितरण समान है और वह समाज के गरीब तबके तक पहुँच रही है, तभी वास्तविक आर्थिक कल्याण होगा। यदि धन केवल कुछ अमीरों के पास जमा होता है, तो राष्ट्रीय आय बढ़ने के बावजूद कल्याण कम हो सकता है।

  3. खर्च करने का तरीका: यदि सरकार राष्ट्रीय आय का उपयोग युद्ध सामग्री के बजाय लोक कल्याणकारी योजनाओं (जैसे पार्क, अस्पताल, स्कूल) पर करती है, तो आर्थिक कल्याण तेजी से बढ़ता है।

  4. कार्य की दशाएं: यदि आय बढ़ाने के लिए मजदूरों से बहुत अधिक काम लिया जा रहा है या पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जा रहा है, तो आय तो बढ़ेगी लेकिन जीवन की गुणवत्ता (Welfare) गिर जाएगी।

अतः, राष्ट्रीय आय आर्थिक कल्याण का एक महत्वपूर्ण सूचक तो है, लेकिन यह एकमात्र पैमाना नहीं है।

Answered by
R
View Profile
Answered on03/11/26
0