पद्मश्री पुरस्कार, पद्म-विभूषण और पद्म-भूषण के बाद पद्म-पुरस्कारों की श्रेणी में आने वाला प्रतिष्ठित सम्मान है। मानवता की सेवा के तमाम क्षेत्रों में अपनी कुशलता के बल पर देश-विदेश में परचम लहराने वाले और समाज के उत्थान हेतु अविस्मरणीय योगदान देने वाली कुछ शख़्सियतों को हर साल राष्ट्रपति-भवन में पद्म-पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। इसकी शुरुआत १९५४ से हुई। हर वर्ष गणतंत्र-दिवस की पूर्व-संध्या पर इसकी घोषणा होती है। यह देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक है।
हर साल पद्म श्रेणी के सभी पुरस्कारों हेतु उपयुक्त नामों का चयन करने को प्रधानमंत्री द्वारा एक समिति गठित की जाती है। जिसमें कैबिनेट और गृह-मंत्रालय के सचिव, राष्ट्रपति-भवन के सचिव, प्रधानमंत्री के मुख्य-सचिव और पांच गैर-सरकारी विशेषज्ञ होते हैं। यह समिति हर वर्ष राज्य-सरकारों, केंद्रीय मंत्रालयों, एनजीओ और विभिन्न संस्थानों से तमाम नामों के सुझाव प्राप्त करती है। जिन पर विचार करने के बाद समिति पद्म-पुरस्कारों के लिये चयनित नामों की सिफ़ारिश कर देती है। जिसे केंद्रीय गृह-मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति-भवन अनुमोदित करते हैं।
और इस तरह पद्म-पुरस्कारों हेतु पात्रों की चयन-प्रक्रिया संपन्न होती है। अंतिम घोषणा से पहले विभिन्न सरकारी एजेंसियों द्वारा इसका सत्यापन किया जाता है।

गौरतलब है कि देश के इन सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों, अर्थात् पद्म-पुरस्कारों की चयन-प्रक्रिया अक्सर विवादों में भी घिरती रही है। सो, इसमें कदाचित् पारदर्शिता लाने हेतु सरकार द्वारा अब इसमें ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था भी प्रदान कर दी गई है। बता दें कि इस चालू वर्ष में पद्म-पुरस्कारों के लिये ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि १५ सितंबर तक थी।
इस तरह अब आप https://padmaawards.gov.in पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, या फिर किसी अन्य के नाम की सिफ़ारिश भी कर सकते हैं। यहां आपको एक फॉर्म भरना होता है। जिसमें अपनी जानकारियां, और स्वयं द्वारा किये गये उस असाधारण और सराहनीय कार्य का ब्यौरा भी दर्ज़ करना होता है, अमूमन ८०० शब्दों में, जिसके आधार पर आप पुरस्कार के लिये दावा करना चाहते हैं।
फॉर्म भरने के बाद कोई भी आपके दावे का समर्थन कर सकता है। इसमें दो वर्ग होते हैं, एक किसी आम आदमी द्वारा समर्थन किये जाने के लिये, और दूसरा कोई सांसद, विधायक, प्रशासनिक उच्चाधिकारी या अन्य किसी गणमान्य व्यक्ति के समर्थन हेतु।
इस तरह ज़ाहिर है कि सरकार द्वारा पद्म-पुरस्कारों हेतु ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान करने से अब यह प्रक्रिया काफ़ी हद तक पारदर्शी और निष्पक्ष होगी। उम्मीद की जानी चाहिये कि देश के इन प्रतिष्ठित सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों की चयन प्रक्रिया पर अब विवादों के साये में न आने पायेगी।





