चलिए हम आपको इंदौर की भाषा की क्या खासियत है बताते हैं:-
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इंदौर भारत के मध्य प्रदेश राज्य का एक शहर है। जिसे मिनी मुंबई के नाम से जाना जाता है। हम इंदौर शहर की जितनी भी तारीफ करें उतना ही कम है। मैं आपको बता दूं कि इंदौर मध्य प्रदेश में सबसे अधिक घनी आबादी वाला शहर भी है। इसके अलावा यह भारत में टीयर 2-शहरों के अंतर्गत आता है। इंदौर शहर की भाषा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां की मालवा की माटी की सुगंध अपने में समेटे मालवी भाषा न सिर्फ इंदौर बल्कि संपूर्ण मालवा के एक करोड़ से ज्यादा लोगों की प्रमुख भाषा भी है। और उनकी संस्कृति की परिचायक भी है।
चलिए हम आपको इंदौर शहर के बारे में बताते हैं कि इसकी क्या-क्या खासियत है :-
मैं आपको बता दूं कि इंदौर शहर में एक जगह है जिसका नाम है सराफा बाजार, वैसे तो दिन में यहां जेवरों की दुकान रहती है लेकिन इस बाजार में असली रौनक रात को ही देखने को मिलती है। जब आप यहां पर रात को जाएंगे तो आपको चैट पकोड़े की दुकान लगी हुई मिलेगी इस वजह से इंदौर के लोग इसे चाट चौपाटी गली भी कहते हैं। इंदौर के लोगों की भाषा थोड़ी अलग है जिसकी वजह से लोग इन्हें काफी पसंद करते हैं। मैं आपको बता दूं कि भारत का सबसे साफ शहर इंदौर है। क्योंकि यहां के लोग सफाई को बहुत अहमियत देते हैं। इंदौर प्राकृतिक सुंदरता से भी भरपूर है। यहां पर दो नदियों खान और सरस्वती का संगम है। यहां के खूबसूरत नज़ारे देखे ही बनते हैं। इसके अलावा इंदौर में भगवान इंद्रेश्वर का मंदिर भी है जिसका इतिहास काफी पुराना है ऐसी मान्यता है कि 18 वीं सदी में इस मंदिर का निर्माण हुआ था।


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