इंदौर इस शहर की जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम है। इंदौर खाना, इंदौर की स्वछता या फिर इंदौर की भाषा।
सभी मे इंदौर नंबर वन पर है।
इंदौर मध्यप्रदेश का एक शहर है जो छोटी मुंबई के नाम से भी जाना जाता है। यह देवी अहिल्या बाई की भी नगरी कही जाती हैं ।
यहाँ का राजवाडा बाजार हो, 56 दुकान, 54 स्ट्रीट, सराफा बाजार, खजूरी बाजार हो या खजराना गणेश मंदीर सभी बहुत प्रसिद्ध है ।
खाने के मामले मे इंदौर सबसे आगे है। यह एजुकेशन हब भी है। घूमने के लिए इंदौर मे आप राजवाड़ा, लाल बाग पैलेस, रीजनल पार्क, कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय, गणेश मंदीर, कांच मंदीर, बड़ा गणपति, पित्रपर्वत जैसे अनेको स्थान है जहाँ आप घूम सकते है।
खाने के लिए आप कही भी रुक जाए खाना आपको सभी जगह स्वादिष्ट ही मिलेगा।
यहाँ का नाश्ते आप पोहा, जलेबी, उसल पोहा, कचोरी, समोसा, खमंड, ब्रेड पकोडा जैसे अनेको व्यजन का मज़ा ले सकते है।
खाने मे यहाँ आपको मालवा के प्रसिद्ध दाल बाफले का आंनद मिलेगा।
अब बात यहाँ की भाषा की करते है। तो मालवा क्षेत्र से जुड़ा होने की वजह से इंदौर मे मालवी भाषा बोली जाती हैं। इसके अलावा यह भाषा उज्जैन संभाग के आगर, मालवा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, देवास , बासवाडा, चित्तौड़गढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों मे बोली जाती हैं। यह लगभग 1 करोड़ लोगो के द्वारा बोली जाने वाली भाषा है।
मालवी भाषा मे अपनापन से लगता हैं। इसकी यही खासियत है। इसके कुछ कुछ शब्द दिल को छु लेते है। भियो, हाओ ,जरियाऊ, खरियाऊ जैसे शब्द।
इंदौर सभी चीजों मे आगे है। इसे मध्य प्रदेश का दिल कहा जाता है। क्योकि यह शहर मध्य प्रदेश के बिल्कुल बीच मे स्थित है। यह भारत का सबसे स्वच्छ शहरो मे से एक है। लगातार 7 वीं बार इस शहर ने पहले पायदान पर अपनी जगह बना कर रखी है।
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