हमेशा सोना खरीदते टाइम हमें ये ध्यान रखना चाहिए कि जो हम ज्वेलरी खरीद रहे हैं उसमें हॉल मार्क का चिन्ह बना हो । क्योंकि हॉलमार्क जिस आभूषण पर रहता है वह सोने की शुद्धता का प्रमाण होता है। जिसके कारण हमें उसकी शुद्धता का पता चलता है!यह सभी को पता होता हैं कि सोना 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट की शुद्धता के साथ आता है। और जब भी कोई व्यक्ति सोना खरीद रहा हो तो वह इस बात को ध्यान रखें कि उसका भजन कितना है ।
सोना को चेक करने का एक और तरीका होता है, जो सोने को आग में पिघलाकर भी देखा जाता है! जिससे सोने की शुद्धता का पता चलता है!
सोना- चाँदी खरीदते वक़्त क्या ध्यान रखना चाहिए?
जब भी आप कभी सोना या चांदी खरीदने जाए तो सबसे पहले हॉल मार्क अवश्य चेक कर लेना चाहिए क्योंकि जिस ज्वेलरी पर हॉल मार्क होता है उस ज्वेलरी की शुद्धता सुनिश्चित होती है। यह बात तो सभी को पता होती है कि सोना 18 कैरेट 22 कैरेट और 24 कैरेट के शुद्धता के साथ आता है। और यदि आप हॉल मार्क वाली ज्वेलरी खरीदते हैं तो इस बात की गारंटी हो जाती है कि आपका सोना बिल्कुल शुद्ध है। और मेकिंग चार्ज का मोल भाव जरूर करें क्योंकि ज्वेलरी कॉस्ट में 30 फ़ीसदी . हिस्सा तो सिर्फ मेकिंग चार्ज का होता है। सोने की शुद्धता को जानने के लिए हम सोने को पिघलाकर भी उसकी शुद्धता को चेक कर सकते हैं।
@meenakushwaha2225 | Posted on May 23, 2024
सोना -चांदी खरीदते वक़्त कुछ विशेष बातो का ध्यान रखना चाहिए -
•ज़ब भी आप सोना खरीदते वक़्त इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि आप केवल हॉलमार्क वाले सोने कान क़े झुमके, ज्वेलरी खरीदें। क्योंकि हॉलमार्क वाली ज्वैलरी, झुमके खरीदते है, तो सोने की शुद्धता क़ो अच्छे से पहचाना जा सकता है। क्योंकि हॉलमार्क सोना 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट मे शुद्ध आता है। यदि आप हॉलमार्क से सोने की कोई भी चीज खरीदते हैं,तो आपक़ो 100% मे से 90%सोना शुद्ध मिलता है।
•यदि आप सोना खरीद रहे है, तो आपको इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि ज्वैलरी के मेकिंग चार्ज को लेकर दुकानदार से एक बार मोल-भाव जरूर कर लेना चाहिए। ऐसा इसलिए करना चाहिए क्योंकि कई बार दुकानदार ज्वैलरी क़े मोल-भाव करने से कम क़ीमत मे दे देते है।आपको जानकारी क़े लिए बता दें कि ज्वैलरी कॉस्ट में लगभग 30%मेकिंग चार्ज का लगता है, जिसमे से दुकानदार क़ो कुछ फायदा मिल जाता है।

•सोना -चांदी खरीदते वक़्त इस बात का ध्यान रखे कि उसका वजन जरूर करवा ले, क्योकि कई बार ऐसा होता है कि आप वजन करवाना भूल जाते है। जिस कारण से आपको ज्यादा पैसे देने पड़ते है, इसलिए सबसे पहले सोने की लॉकेट खरीद रहे है, तो उसका वजन करवाए उसके बाद वजन क़े हिसाब से उसका पैसा ज्यवेलर्स क़ो देना चाहिए। यदि आप वजन पर ध्यान नहीं देंगे तो आपको काफ़ी नुकसान हो सकता है, इसलिए वजन क़े हिसाब से सोने की लॉकेट का पैसा दे।

•सोना -चांदी खरीदते वक़्त इस बात का ध्यान रखे कि जैसे आप सोने की चैन खरीद रहे है, तो चैन का मोल -भाव करने क़े बाद दुकानदार चैन बॉक्स मे पैक करके दे तो एक बार चैन का बॉक्स खोलकर देख ले क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि दुकानदार किसी दूसरे व्यक्ति का सामान आपको पैक करके दे देता है और आपकी सोने की चैन का बॉक्स किसी दूसरे व्यक्ति दे देता है।
