चलिए दोस्तों इस पोस्ट के जरिए मैं आपको बताना चाहती हूं कि महाधिवक्ता की योग्यता क्या होनी चाहिए और महाधिवक्ता की नियुक्ति कौन करता है।
महाधिवक्ता- राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी महाधिवक्ता होता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 165 के अनुसार राज्यपाल द्वारा महाधिवक्ता की नियुक्ति की जाती है। महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है इसलिए राज्यपाल उसे कभी भी उसके पद से हटा सकता है।
महाधिवक्ता में क्या-क्या योग्यता होनी चाहिए -
- वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
- वह 10 वर्षों तक न्यायाधीश के रूप में या 10 वर्षों तक उच्च न्यायालय के अधिवक्ता के रूप में कार्य किया हो।
- सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में सेवा करने योग्य होना चाहिए।
- उसकी आयु 62 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- महाधिवक्ता को विभिन्न प्रकार की भाषाओं का ज्ञान होना चाहिए जैसे की हिंदी,अंग्रेजी, संस्कृत, इत्यादि।
महाधिवक्ता के कार्य- महाधिवक्ता राज्य का मुख्य कानून अधिकारी होता है इसलिए उसके निम्नलिखित कार्य हैं -
- वह ऐसे कर्तव्यों का पालन करता है जो राज्यपाल द्वारा सौंप गए हैं।
- महाधिवक्ता कानूनी मामलों में राज्य प्रमुख का मार्गदर्शन करते हैं।
- वह राज्य के दोनों सदनों विधानसभा तथा विधान परिषद के कार्यवाही में बोलने की शक्ति रखता है, लेकिन वह मतदान नहीं कर सकता है।
- महाधिवक्ता को विधानमंडल के सदस्यों को मिलने वाले सभी प्रकार के वेतन एवं भत्ते का विशेष अधिकार प्राप्त होता है।
- महाधिवक्ता राज्य सरकार के हीतो का बचाव और रक्षा करता है।
- महाधिवक्ता सभी कानूनी मामलों में राज्य सरकार की सहायता करता है।
महाधिवक्ता के अधिकार -
- राज्य के सभी न्यायालयों में महाधिवक्ता को सुनवाई का अधिकार है।
- महाधिवक्ता सभी विशेष अधिकारों और प्रतिरक्षाओं को प्राप्त कर सकता है जो राज्य विधानसभा के एक सदस्य के लिए उपलब्ध है।
- महाधिवक्ता को राज्य विधानसभा में बात करने या किसी भी समित की बैठक में हिस्सा लेने का अधिकार है लेकिन उसे वोट करने का अधिकार नहीं है।


