Current Topics

फिक्स्ड डिपॉजिट टीडीएस बचने के उपाय | जा...

image

| Updated on September 4, 2024 | news-current-topics

फिक्स्ड डिपॉजिट टीडीएस बचने के उपाय | जानिए कैसे बचें

2 Answers
309 views
A

@aanyasingh3213 | Posted on January 19, 2024

वर्तमान समय में( FD) यानी कि फिक्स्ड डिपॉजिट लोगों के बीच खूब लोकप्रिय हो चला है। कुछ बैंक तो अब फिक्स्ड डिपॉजिट पर 9% तक की ब्याज दर ऑफर कर रहे हैं। लेकिन जब आप फिक्स्ड डिपॉजिट से ब्याज कमाते हैं तो सरकार इसका एक हिस्सा टैक्स के रूप में काट लेती है। जिसे स्त्रोत पर कर कटौती के रूप में जाना जाता है। चाहे आपकी FD बैंक, पोस्ट ऑफिस या एनबीएफसी मैं हो आयकर नियमों के आधार पर टीडीएस निकाला जाता है। ऐसे में सवाल आता है कि बैंक जमा( FD ) पर लगने वाले टीडीएस से बचने के लिए क्या करें।

 

Loading image...

 

चलिए हम आपको बताते हैं कि बैंक पर जमा (FD ) पर लगने वाले टीडीएस से बचने के लिए क्या करना चाहिए।

मैं आपको बताऊंगी कि टीडीएस छठ का लाभ कैसे उठाएं।

एफडी ब्याज पर टैक्स का भुगतान करने से बचने के लिए यदि आपकी कल आए टैक्स योग सीमा से कम है तो आप बैंक में फॉर्म 15जी या फॉर्म 15एच जमा कर सकते हैं ऐसा आप वित्तीय वर्ष की शुरुआत में कर सकते हैं। मैं आपको बता दूं कि 60 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों के लिए टैक्स योग्य सीमा ढाई लाख रुपए, 60 से 79 वर्ष की आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹300000 और 80 वर्ष या उससे ज्यादा आयु वालों के लिए ₹500000।

 

दूसरा उपाय है पूर्वाधारित प्रमाण पत्र सबमिट करें। इसके अलावा टीडीएस कटौती से बचने के लिए आपको अपने बैंक में जमा की गई राशि के लिए पूर्व आधारित प्रमाण पत्र फार्म जमा करना होगा यह प्रमाण पत्र आपको टैक्स कटौती से बचाने में आपकी बेहद मदद करेगा। अगर ब्याज से होने वाली इनकम 10 लाख से ज्यादा है तो टीडीएस के अलावा एफडी ब्याज धरा पर टीडीएस पर 20% की दर लगाया जाता है। मैं आपको बता दूं कि टीडीएस कटौती करने वाले संस्था के पास टैक्स पेयर को फॉर्म 16A सर्टिफिकेट देना होगा।


इस तरह नियमों का पालन करके आप एफडी पर लगने वाली टीडीएस से बच सकते हैं।

0 Comments
logo

@abhishekgaur6728 | Posted on September 4, 2024

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक सुरक्षित और लोकप्रिय निवेश विकल्प है जिसे लोग अपनी बचत को सुरक्षित करने और ब्याज अर्जित करने के लिए चुनते हैं। हालांकि, फिक्स्ड डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज पर टैक्स देनदारी होती है, जिसे टीडीएस (Tax Deducted at Source) के रूप में काटा जाता है। इस लेख में हम समझेंगे कि फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस कैसे बचा सकते हैं और इसके लिए क्या कदम उठाने की आवश्यकता है।

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस क्या है?

फिक्स्ड डिपॉजिट पर अर्जित ब्याज आय पर टीडीएस लागू होता है। यदि किसी व्यक्ति के फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज आय एक निश्चित सीमा से अधिक हो जाती है, तो बैंक उस ब्याज आय पर टीडीएस काट लेता है। आयकर अधिनियम के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की सालाना ब्याज आय ₹40,000 से अधिक होती है (वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सीमा ₹50,000 है), तो बैंक 10% टीडीएस काटते हैं।

यदि कोई व्यक्ति अपना पैन (Permanent Account Number) बैंक में जमा नहीं करता है, तो टीडीएस दर 20% हो जाती है। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप बैंक को अपना पैन जमा कराएं ताकि कम दर पर टीडीएस कटे।

Loading image...

 

फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस से बचने के उपाय

फॉर्म 15G/15H भरकर टीडीएस से बचें

यदि आपकी कुल आय आयकर छूट सीमा के अंतर्गत आती है, तो आप फॉर्म 15G या फॉर्म 15H (वरिष्ठ नागरिकों के लिए) भरकर टीडीएस से बच सकते हैं। यह फॉर्म बैंक को बताता है कि आपकी आय कर योग्य नहीं है, और इसलिए बैंक आपकी ब्याज आय पर टीडीएस नहीं काटेगा।

फॉर्म 15G और 15H के लिए योग्यताएं 
-फॉर्म 15G: यह फॉर्म उन व्यक्तियों के लिए है जिनकी आय 60 वर्ष से कम है और जिनकी कुल आय आयकर छूट सीमा से कम है।

-फॉर्म 15H: यह फॉर्म वरिष्ठ नागरिकों के लिए है (60 वर्ष या उससे अधिक) जिनकी कुल आय आयकर छूट सीमा के भीतर है।

 

ब्याज को विभाजित करें

आप अपने फिक्स्ड डिपॉजिट को अलग-अलग बैंक खातों में विभाजित कर सकते हैं। इससे एक ही बैंक में कुल ब्याज आय उस सीमा तक नहीं पहुंचेगी जिस पर टीडीएस कटता है। उदाहरण के लिए, अगर आप ₹5,00,000 का फिक्स्ड डिपॉजिट करना चाहते हैं, तो इसे ₹2,50,000 के दो अलग-अलग खातों में विभाजित कर सकते हैं। इससे आप प्रति खाते पर अर्जित ब्याज आय को ₹40,000 (या ₹50,000 वरिष्ठ नागरिकों के लिए) की सीमा के भीतर रख सकते हैं।

 

वरिष्ठ नागरिक बचत योजना का लाभ उठाएं

अगर आप वरिष्ठ नागरिक हैं, तो आप वरिष्ठ नागरिक बचत योजना (Senior Citizen Savings Scheme) का लाभ उठा सकते हैं। इस योजना में मिलने वाला ब्याज आयकर अधिनियम की धारा 80TTB के तहत ₹50,000 तक की छूट के योग्य है। इससे आपको ब्याज आय पर मिलने वाली छूट से टीडीएस बचाने में मदद मिल सकती है।

 

अन्य आयकर छूट विकल्पों का उपयोग करें
आप अन्य आयकर छूट विकल्पों का भी उपयोग कर सकते हैं जैसे कि धारा 80C, 80D, 80G आदि। अगर आपकी कुल आय कुछ कर योग्य है, तो इन छूटों का उपयोग करके आप अपनी कर योग्य आय को कम कर सकते हैं। इससे फिक्स्ड डिपॉजिट पर टीडीएस से बचने में मदद मिल सकती है।

 

ब्याज का पुनर्निवेश (Reinvestment)
आप फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज पुनर्निवेश कर सकते हैं। इससे आपकी कुल ब्याज आय कम हो सकती है और आप टीडीएस की सीमा के भीतर रह सकते हैं। हालांकि, ध्यान दें कि पुनर्निवेशित ब्याज भी कर योग्य होता है, लेकिन इससे आपकी तत्काल कर देनदारी को कम किया जा सकता है।

 

Loading image...

क्लबिंग से बचें
यदि आप फिक्स्ड डिपॉजिट अपने परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर कराते हैं, तो क्लबिंग से बचने के लिए सावधानी बरतें। उदाहरण के लिए, यदि आप अपने नाबालिग बच्चों के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट करते हैं, तो उनके ब्याज को आपकी आय में क्लब किया जा सकता है और उस पर कर लग सकता है। इसके बजाय, आप अपने परिवार के अन्य सदस्यों जैसे जीवनसाथी या माता-पिता के नाम पर फिक्स्ड डिपॉजिट करा सकते हैं, जिनकी आय कम हो।

 

फ्लोटिंग रेट फिक्स्ड डिपॉजिट (Floating Rate FD) चुनें

फ्लोटिंग रेट फिक्स्ड डिपॉजिट एक प्रकार का फिक्स्ड डिपॉजिट है जहां ब्याज दर बदलती रहती है। यदि ब्याज दरें गिरती हैं, तो आपकी ब्याज आय कम होगी, जिससे आप टीडीएस से बच सकते हैं। हालांकि, ध्यान दें कि ब्याज दरें बढ़ने पर आपकी आय भी बढ़ सकती है, जिससे टीडीएस कट सकता है।

 

फिक्स्ड डिपॉजिट का टेन्योर ध्यान से चुनें
फिक्स्ड डिपॉजिट का टेन्योर (अवधि) चुनते समय यह ध्यान रखें कि टीडीएस हर साल ब्याज अर्जित करने पर काटा जाता है। आप अपने फिक्स्ड डिपॉजिट को इस प्रकार चुन सकते हैं कि ब्याज आय कम हो और टीडीएस से बचा जा सके। उदाहरण के लिए, 5 साल से कम अवधि का फिक्स्ड डिपॉजिट चुनें ताकि ब्याज आय हर साल ₹40,000 से कम रहे।

 

ब्याज की आवृत्ति (Frequency) चुनें
ब्याज की आवृत्ति को चुनते समय आप इस बात का ध्यान रखें कि मासिक, तिमाही या सालाना ब्याज भुगतान के विकल्प उपलब्ध होते हैं। आप ऐसा विकल्प चुन सकते हैं जिससे आपकी कुल ब्याज आय कम हो और आप टीडीएस से बच सकें। उदाहरण के लिए, सालाना ब्याज भुगतान का विकल्प चुनने से ब्याज आय को सीमित किया जा सकता है।

 

निष्कर्ष
फिक्स्ड डिपॉजिट
पर टीडीएस से बचने के लिए कुछ साधारण कदम उठाए जा सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अपनी आय और कर देनदारी की पूरी जानकारी रखें और उसी के अनुसार अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट योजना बनाएं। फॉर्म 15G/15H भरने, ब्याज को विभाजित करने, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना का लाभ उठाने और अन्य आयकर छूटों का उपयोग करने जैसे उपाय आपको टीडीएस से बचाने में मदद कर सकते हैं। इन उपायों को ध्यान में रखकर आप अपने निवेश पर अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं और टैक्स देनदारी को कम कर सकते हैं।

0 Comments