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Othersमृत्यु के समय रावण की आयु कितनी थी ?
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| Updated on March 29, 2024 | others

मृत्यु के समय रावण की आयु कितनी थी ?

2 Answers
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@aanyasingh3213 | Posted on March 28, 2024

क्या आप जानते हैं की मृत्यु के समय रावण की आयु कितनी थी शायद आपको उसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं :-

 

दोस्तों सबसे पहले मैं आपको बता दूं कि रावण ऋषि विश्वश्रव और कैकसी का पुत्र था। यदि आप चाहते हैं कि हम आपको रावण के बचपन की कथा सुनाएं तो इसके बारे में कोई जिक्र नहीं मिलता है। लेकिन हां इस बात का जिक्र अवश्य सुनने को मिलता है कि रावण हजारों वर्ष तक तपस्या की थी। कहा जाता है कि रावण ने अपनी तपस्या के बाद ही ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था। और इस तपस्या के वर्णन से इतना स्पष्ट है कि उनकी आयु हजारों वर्ष से अधिक थी। कुछ पुराने के अनुसार जन को मिलता है कि रावण के समय में वर्ष की गिनती  चैकड़ी में होती थी। बताया जाता है कि रावण ने कुल 72 चौकड़ी तक शासन किया था। मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि एक चौकड़ी में 400 वर्ष होते हैं। इसलिए इस बात से स्पष्ट होता है कि रावण ने 28800 वर्ष तक लंका पर शासन किया है। लेकिन भागवत पुराण में रावण की आयु 11000 वर्ष तक बताई गई है। लेकिन रावण की आयु कम से कम 40000 वर्ष या उससे अधिक ही होगी।

 

चलिए हम आपको रावण के बारे में कुछ अन्य जानकारी देते हैं:-

बताया जाता है कि रावण के पास बहुत सारे विमान थे जिनमें से एक था पुष्पक विमान।

रावण की तीन पत्नियों थी मंदोदरी, धन्य मालिनी और तीसरी पत्नी का नाम अज्ञात है।

 जब रावण विश्व विजय करने के लिए स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसने वहां कामातुर होकर अप्सरा रंभा को पकड़ लिया। और यह बात जब नल कुबेर को पता चली तो उसने रावण को श्राप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसकी स्पर्श नहीं कर पाएगा।

 

 

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@komalsolanki9433 | Posted on March 28, 2024

रावण बहुत ही विद्वान और शक्तिशाली राजा था। वह शिवभक्त था और शिव जी की कठोर तपस्या करके उसने साधारण मानव के हाथ मृत्यु का वरदान मांगा था। क्योकि रावण को यह घमंड था की उसे कोई भी देव, देवी या कोई भी शक्ति उसको मार नही सकती। 

 

रावण ऋषि विश्रवा और राक्षसी कैकसी का पुत्र था। कैकसी ने अपने स्वयंवर मे ऋषि विश्रवा का चुनाव किया था। इसलिए रावण बृह्म्रराक्षस कहलाया था।  ऋषि विश्रवा  का पहले से एक पुत्र था जिसका नाम कुबेर था। कुबेर लंका का राजा था। लेकिन सौतेला भाई होने के कारण रावण ने कुबेर से उसकी लंका को छिन लि थी। 

 

फिर वह लंका नरेश के नाम से जाना जाने लगा। 

लंका मे उसके साथ उसके दो भाई विभीषण और कुंभकरण और एक बहन शुर्पणखा भी रहती थी । 

शुर्पणखा अति सुंदर स्त्री थी। एक बार वह वन मे गई तब उसने राम के भाई लक्ष्मण को देखा । वह उनको देख के मोहित हो गई और विवाह का प्रस्ताव उनके समक्ष रखा। लेकिन विवाहित होने के कारण लक्ष्मण जी ने उनका प्रस्ताव स्वीकार नही किया । फिर वह भगवान राम के पास गई और प्रस्ताव रखा लेकिन राम जी ने भी उसे मना कर दिया। शुर्पणखा ने इसे अपना अपमान समझा और सीता पर हमला किया। लक्ष्मण जी ने उसकी नाक काट कर उसे वहा से भगा दिया। 

रावण ने अपनी बहन के साथ किये इस व्यवहार का बदला सीता को हरण करके किया। राम और रावण के बीच भीषण युध्य हुआ और अंत मे भगवान राम ने रावण को मार कर सीता माता को रावण की कैद से आज़ाद करवाया था। 

रावण को बृह्मा जी से वरदान प्राप्त था  जिसकी वजह से उसे कोई मार नही पाया था उसके अनुसार रावण की आयु मृत्यु तक 40000 वर्ष होने का अनुमान लगाया जाता हैं। 

 

 

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