शायद आप नहीं जानते होंगे कि उज्जैन का प्राचीन काल में क्या नाम था तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी यहां पर देंगे:-
दोस्तों उज्जैन एक तीर्थ स्थल है।और उज्जैन को मंदिरों की नगरी के नाम से भी जाना जाता है।उज्जैन के प्राचीन नाम अवंतिका, उज्जैनी, कनकश्रृंगा आदि नाम हुआ करते थे। और वर्तमान समय में लोग उज्जैन नगरी के नाम से जानते हैं।उज्जैन हमारे भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है। जो की शिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है। उज्जैन, मध्य प्रदेश का एक अत्यंत प्राचीन शहर है, जो अपनी समृद्ध संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है। यह शहर विक्रमादित्य के राज्य की राजधानी थी, जिन्होंने अपनी वीरता और उदारता के लिए प्रसिद्धि प्राप्त की थी। कालिदास, संस्कृत के महान कवि, उज्जैन में रहते थे और यहाँ की सुंदरता और भव्यता ने उनके अनेक कार्यों को प्रेरित किया। सिंहस्थ कुंभ मेला, जो हर 12 वर्ष में चार बार लगता है, उज्जैन में आयोजित होने वाले सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है।यह शहर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकाल का निवास स्थान भी है। महाकाल मंदिर, उज्जैन के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है और लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। उज्जैन की जनसंख्या लगभग 5.25 लाख है और यह शहर मध्य प्रदेश का पांचवां सबसे बड़ा शहर है। उज्जैन के अन्य महत्वपूर्ण आकर्षणों में रामघाट, हरिहरेश्वर मंदिर, मंगलनाथ मंदिर, और वेधशाला शामिल हैं।
यह शहर अपनी समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति और आध्यात्मिक महत्व के कारण पर्यटकों के लिए एक आकर्षक स्थान है।
लिए हम आपको बताते हैं कि उज्जैन का नाम क्यों पड़ा है:-
उज्जैन नाम सही नहीं है यह तो उज्जैनी का अपभ्रंश है। उज्जैन का असली नाम उज्जैनी है, इसका शाब्दिक अर्थ होता है विजेता या जय नगरी।पौराणिक मान्यता के अनुसार प्राचीन काल में ब्रह्मा से वरदान प्राप्त त्रिपुर नामक असुर जब देवताओं को परेशान करने लगा तब सभी देवताओं ने मिलकर शिवजी के कहने पर रक्तदांतिका चंडिका देवी की आराधना की थी।अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए मशहूर यह शहर पूरी दुनिया में दो चीज ऐसी है जिसके लिए सबसे ज्यादा इसे जाना जाता है।पहले है बाबा महाकाल का मंदिर,और दूसरा है जहां होने वाला कुंभ का मेला इन्हीं दो चीजों की वजह से उज्जैन नगरी सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है।प्राचीन नगरी उज्जैन में मौजूद महाकाल मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।उज्जैन नगरी की ऐसी मान्यता है कि जो भक्त उज्जैन में महाकाल का दर्शन करने से पहले बाबा काल भैरव के दर्शन करते हैं उसे व्यक्ति के जीवन के सारे पाप मिट जाते हैं।और उनकी सभी मनोकामना भी पूर्ण होती है।
