Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
Educationइंकलाब न्यूज़ पेपर की शुरुआत कब, किसने औ...
image

| Updated on March 11, 2026 | education

इंकलाब न्यूज़ पेपर की शुरुआत कब, किसने और क्यों की थी?"

2 Answers
logo

@satindrachauhan6717 | Posted on December 11, 2021

इंक्लाब भारत में मुंबई से प्रकाशित होने वाला एक उर्दू दैनिक अखबार है। इसका स्वामित्व 'जागरण प्रकाशन लिमिटेड' के पास है, जो दैनिक-जागरण समेत अन्य कई पत्र भी निकालता है।

इंक्लाब समाचार पत्र की नींव रखी गई 1937 में अब्दुल हामिद अंसारी द्वारा। जो एक राष्ट्रवादी थे। बाद में उनके पुत्र खालिद अंसारी ने इसी ग्रुप से 1979 में 'मिड-डे' प्रकाशित करना शुरू किया। हालांकि 2010 से इन सभी की मालिकाना कंपनी 'जागरण प्रकाशन लिमिटेड' ही है।

Article image

पाकिस्तान के कायदे आजम मुहम्मद अली जिन्ना 'इंक्लाब' के संस्थापक अब्दुल हामिद अंसारी से काफी प्रभावित थे। इस समाचार पत्र की नींव मुस्लिम राष्ट्रवादी भावनाओं को आवाज़ देने के लिये की गई थी। हालांकि जिन्ना के बहुत कहने पर भी 'इंक्लाब' के संस्थापक अंसारी कभी पाकिस्तान जाकर बसने को राजी न हुये।

उपरोक्त के अलावा इससे पहले मौलाना गुलाम रसूल मेहर द्वारा 4 अप्रैल, 1927 को एक इंक्लाब समाचार पत्र लाया गया था। इसमें अब्दुल मज़ीद सादिक, अब्दुल कादिर शाह, फ़कीर मुहम्मद चिश्ती, हकीम मुहम्मद हसन कुरैशी, उस्ताद अल्लाह बख़्श, चौधरी मोहम्मद हुसैन और आत्मानन्दशरण आदि प्रभावशाली व्यक्तियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। गौरतलब है कि इसे यह नाम अल्लामा इकबाल ने दिया था।

Article image

यह एक अन्य पत्र 'जमींदार' के बंद हो जाने की प्रतिक्रिया स्वरूप लाया गया था, जो 1949 तक चलता रहा। यह शुरू में एक कांग्रेस-समर्थक समाचार पत्र माना जाता था; पर जब कथित तौर पर कांग्रेस में मुस्लिम-हितों की अनदेखी होने लगी तो यह और मुस्लिम-लीग का समर्थक हो गया। 'इंक्लाब' मुस्लिम-हितों का एक प्रबल पक्षधर बना रहा।

0 Comments
R

@rajeshyadav9188 | Posted on March 11, 2026

इंकलाब (Inquilab) उर्दू पत्रकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है। इसकी शुरुआत 24 जुलाई 1938 को प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार अब्दुल हमीद अंसारी द्वारा की गई थी। उस समय यह समाचार पत्र बॉम्बे (अब मुंबई) से प्रकाशित होना शुरू हुआ था।

इंकलाब अखबार की शुरुआत के पीछे के मुख्य उद्देश्य:

  • स्वतंत्रता संग्राम में योगदान: इसका प्राथमिक उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक सशक्त मंच प्रदान करना था। 'इंकलाब' का अर्थ ही 'क्रांति' होता है, और यह अखबार अपनी खबरों और संपादकीय के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनमत तैयार करने का कार्य करता था।

  • उर्दू भाषी समुदाय की आवाज: अंसारी साहब चाहते थे कि उर्दू भाषी मुस्लिम समुदाय देश के राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े और जागरूक रहे। यह अखबार राष्ट्रवादी मुसलमानों के विचारों का प्रतिनिधित्व करता था।

  • सामाजिक सुधार: स्वतंत्रता के अलावा, इसका उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना, शिक्षा को बढ़ावा देना और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना था।

निष्कर्ष: अब्दुल हमीद अंसारी का यह प्रयास सफल रहा और आज भी 'इंकलाब' भारत के सबसे प्रभावशाली उर्दू दैनिक समाचार पत्रों में से एक है। वर्तमान में यह 'मिड-डे' (Mid-Day) समूह और जागरण प्रकाशन का हिस्सा है, लेकिन इसकी विरासत आज भी राष्ट्रवाद और निष्पक्ष पत्रकारिता से जुड़ी हुई है।

0 Comments