इंकलाब (Inquilab) उर्दू पत्रकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है। इसकी शुरुआत 24 जुलाई 1938 को प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार अब्दुल हमीद अंसारी द्वारा की गई थी। उस समय यह समाचार पत्र बॉम्बे (अब मुंबई) से प्रकाशित होना शुरू हुआ था।
इंकलाब अखबार की शुरुआत के पीछे के मुख्य उद्देश्य:
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स्वतंत्रता संग्राम में योगदान: इसका प्राथमिक उद्देश्य भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को एक सशक्त मंच प्रदान करना था। 'इंकलाब' का अर्थ ही 'क्रांति' होता है, और यह अखबार अपनी खबरों और संपादकीय के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनमत तैयार करने का कार्य करता था।
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उर्दू भाषी समुदाय की आवाज: अंसारी साहब चाहते थे कि उर्दू भाषी मुस्लिम समुदाय देश के राष्ट्रीय आंदोलनों से जुड़े और जागरूक रहे। यह अखबार राष्ट्रवादी मुसलमानों के विचारों का प्रतिनिधित्व करता था।
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सामाजिक सुधार: स्वतंत्रता के अलावा, इसका उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना, शिक्षा को बढ़ावा देना और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखना था।
निष्कर्ष: अब्दुल हमीद अंसारी का यह प्रयास सफल रहा और आज भी 'इंकलाब' भारत के सबसे प्रभावशाली उर्दू दैनिक समाचार पत्रों में से एक है। वर्तमान में यह 'मिड-डे' (Mid-Day) समूह और जागरण प्रकाशन का हिस्सा है, लेकिन इसकी विरासत आज भी राष्ट्रवाद और निष्पक्ष पत्रकारिता से जुड़ी हुई है।



