Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner

Advertisement

Advertisement banner
H
Feb 29, 2024others

रामायण की शूटिंग कब हुई थी? और किन-किन क्षेत्रों में हुई थी ?

2 Answers
11

A
@aanyasingh3213Feb 28, 2024

चलिए आज मैं उन लोगों को बताना चाहूंगी की रामायण की शूटिंग कब हुई थी और किन-किन क्षेत्रों में हुई थी जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है:-

मैं आपको बता दूं की रामायण की शूटिंग गुजरात के उमरगाम में हुई थी। और इसके सेट को हीरा भाई पटेल के व्यक्ति ने डिजाइन किया था। अरुण गोविल ने रामानंद सागर की रामायण में भगवान राम को जीवंत किया था।

 रामानंद सागर की रामायण का पहला एपिसोड साल 1887 में रिलीज हुआ था। और इस रामायण का हर एक एपिसोड 45 मिनट का दिखाया जाता था। और आज भी इस रामायण सीरियल के एपिसोड युटुब पर उपलब्ध है। और बताया जाता है कि इस रामायण सीरियल का बजट सिर्फ ₹900000 था और इसके एक एपिसोड में करीब 40 लाख  रुपए की कमाई होती थी।

 बताया जाता है कि गुजरात के उमरगांव में रामायण की शूटिंग पूरे 550 दिन तक चली थी

 बताया जाता है कि रामायण की ज्यादातर शूटिंग रामानंद सागर के बंगले सागर जिला में हुई है ।जब शूटिंग बाहर होती थी तो थिएटर आर्टिस्ट और अन्य कलाकारों की मदद ली जाती थी। और रामायण की पापुलैरिटी केवल देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में थी।इसे करीब 65 करोड़ से ज्यादा लोगों ने टीवी पर देखा था और इस रामायण की शूटिंग लगातार डेढ़ साल तक चली थी।

 इस प्रकार बताया जाता है की रामायण की शूटिंग लगातार होती रही और लोग इसे देखने के लिए दूसरों के घर पर जाया करते थे क्योंकि उसे समय हर किसी के पास टीवी मौजूद नहीं होती थी। बहुत से लोग रामायण के किरदार निभाने वाले लोगों को यानी की राम, सीता और लक्ष्मण को भगवान का स्वरूप माना करते थे।और उनकी पूजा किया करते थे।और आज भी रामानंद रामायण की बराबरी कोई भी रामायण नहीं कर सकती है।

 

 

Letsdiskuss

 

0
5
S
@shivanipatel1667Feb 28, 2024

साल 1987 में  रामानंद सागर का द्वारा बनाया गया सीरियल 'रामायण ' को लोग आज भी भूल नहीं पाए 80 के दशक के सीरियल 'रामायण' की पॉपलरिटी में कोई कमी नहीं आई। आज भी रामायण के लिए जनता का प्यार कम नहीं हुआ। आज से 33 साल पहले रामानंद सागर जी ने 'रामायण'  बनाया,  एक ऐसा शो जिसे देखने के लिए लोग टीवी पर चिपक जाते थे। उस वक्त सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। उस समय में घर- घर टीवी न होने पर लोग पड़ोसी के के घर रामायण को देखने के लिए जाते थे। रामायण की शूटिंग गुजरात राज्य के उमरगांव में हुई थी। इसके सेट को हीरा भाई पटेल के नाम के एक व्यक्ति ने डिजाइन किया था। जब 'रामायण' सीरियल की शूटिंग हो रही थी तब रामायण के सेट पर उस दौर में आज जैसी सुविधाएं नहीं थी। वहा वॉशरूम की व्यवस्था भी बहुत अच्छी नहीं थी। ऐसे में सीरियल के कई कलाकार तो दिनभर पानी भी नहीं भी नहीं पीते थे। क्योंकि पानी पीते तो वॉशरूम जाना पड़ता। उस समय में रामायण सीरियल की शूटिंग करने के लिए कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया जी बताती हैं, रामायण का पहला एपिसोड एक घंटे का था और उसे बनाने में करीब 15 दिन का समय लगा। जब तक शूटिंग हो रहती थी तब तक वो लोग गांव में ही रहते थे मुंबई नहीं जाते थे। कुछ जानकारों के अनुसार बताया जाता है की रामायण का पूरा सेट गुजरात राज्य में स्थित एक जनगणना शहर उमरगांव में बनाया गया था। वहीं कुछ सीन अलग-अलग लोकेशन में शूट किए गए थे। रामायण में जो रामसेतु वाला सीन था उसे चेन्नई में शूट किया गया था। सीरियल के मेकर्स इसे साफ और नीले पानी में शूट करना चाहते थे जो सूट लोकेशन  पर उपलब्ध नहीं था। कहा जाता है की रामायण का पूरा सूट लगभग 550 दिनों तक चला था। Article image

0
5