नमस्कार दोस्तों चलिए आज हम आपको बताते हैं कि रानी लक्ष्मी बाई का जन्म कहां पर हुआ था। जैसा कि आप सभी जानते हैं की रानी लक्ष्मीबाई झांसी की रानी थी। लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी काशी के असीघाट मे हुआ था।रानी लक्ष्मी बाई के पिता का नाम मोरोपंत तांबे और उनकी माता का नाम भागीरथी बाई था।रानी लक्ष्मी बाई एक जाना माना नाम है।रानी लक्ष्मी बाई ने देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसलिए उनका नाम भारत की सशक्त महिलाओं में लिया जाता है।रानी लक्ष्मी बाई को बचपन में 'मणिकर्णिका' नाम से संबोधित की जाने वाली और प्यार से मनु के नाम से पुकारी जाने वाली है।
रानी लक्ष्मी बाई के पिता बलवंत राव के बाजीराव पेशवा के सेना में सेनानायक थे, इसी कारण मोरोपंत जी पर पेशवा कृपा रहने लगी।सन 1838 में बाल गंगाधर राव को झांसी का राजा घोषित किया गया। वे विधुर थे। सन 1822 में मनु बाई से उनका विवाह हुआ। सन 1851 में उनका पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उस समय झांसी के कोने-कोने में आनंद की लहर प्रवाहित हुई। लेकिन 4 माह बाद उस बालक का निधन हो गया। सारी झांसी शोक सागर में निमग्न हो गई।
23 मार्च 1858 को झांसी का ऐतिहासिक युद्ध आरंभ हुआ।कुशल तोपची गुलाम गौस खां ने झांसी की रानी के आदेशानुसार तोपों के लक्ष्य शादकर ऐसी गोले फेक की पहली बार में ही अंग्रेजी सेना के छक्के छूट गए। रानी लक्ष्मी बाई -warrior queen of jhansi ने 7 दिन तक वीरता पूर्वक झांसी सुरक्षा की और अपनी छोटी सी सशस्त्र सेना से अंग्रेजों का बड़ी बहादुरी से मुकाबला किया। रानी ने खुले रूप से शत्रु का सामना किया और युद्ध में अपनी वीरता का परिचय दिया। वें अकेले ही अपने पीठ के पीछे दामोदर राव को कसकर अपने घोड़े में सवार होकर अंग्रेजों से युद्ध करती रही ।







