दोस्तों आप सभी ने झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बारे में तो सुना ही होगा। क्योंकि आज भी हमें किताबों में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के बारे में पढ़ाया जाता है। और यह भी सिखाया जाता है कि सभी महिलाओं को रानी लक्ष्मी बाई की तरह बनना चाहिए। और उनके जैसे ही हिम्मतवाली और ताकतवर होना चाहिए। ताकि यदि कोई हम पर हमला कर तो हम अपनी रक्षा स्वयं कर सकें। चलिए दोस्तों हम आपको बताते हैं की रानी लक्ष्मी बाई का जन्म कहां हुआ था।
यहां पर मैं आपको बताऊंगी की रानी लक्ष्मी बाई का जन्म कब और कहां हुआ था:-
दोस्तों रानी लक्ष्मी बाई का बचपन का नाम मनु था। रानी लक्ष्मी बाई का जन्म गंगा नदी के किनारे वाराणसी शहर में 80 घाट से मात्र 300 मीटर की दूरी पर स्थित भदैनी नामक मोहल्ले में हुआ था। रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवंबर सन 1828 में मराठी परिवार में हुआ था। रानी लक्ष्मी बाई को बचपन में छबीली और मणिकर्णिका के नाम से भी पुकारा जाता था। रानी लक्ष्मी बाई बचपन से ही शास्त्र और शास्त्र दोनों की शिक्षा ग्रहण कर ली थी। इसके बाद 1842 में झांसी के राजा गंगाधर राव के साथ रानी लक्ष्मीबाई का विवाह हुआ। विवाह के बाद झांसी की रानी बनी तब इनका नाम लक्ष्मीबाई हुआ और फिर यह रानी लक्ष्मीबाई कहलाई। विवाह के कुछ वर्षों बाद रानी लक्ष्मीबाई को एक पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई थी। लेकिन कुछ महीनो बाद ही पुत्र की मृत्यु हो गई थी। इतना ही नहीं जब रानी लक्ष्मीबाई के पुत्र की मृत्यु हुई तो कुछ महीने बाद उनके पति राजा गंगाधर राव की भी मृत्यु हो गई।
दोस्तों मैं आपको बता दूं की रानी लक्ष्मीबाई अत्यंत दयालु थी।एक बार की बात है जब रानी लक्ष्मी बाई कुलदेवी दूसरों की पूजा करके घर लौट रही थी। तो उन्हें रास्ते में कुछ निर्धन लोगों ने घेर लिया। जिसे देखकर महारानी का हृदय द्रवित हो उठा। और उन्होंने नगर में घोषणा कर दी की एक निश्चित दिन गरीबों में वस्त्र आदि का विवरण कराया जाए।

