क्या आप जानते हैं कि (कौन सी फसलें रबी की फसल होती है?) हम आपको बता दें कि जो रबी की फसलें होती हैं वह अक्टूबर-नवंबर में बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में काट ली जाती हैं रवि की फसल उगाने के लिए कम तापमान की आवश्यकता पड़ती है रबी की फसलें (अनाज में ) गेहूं ,जौ, सरसों, मसूर, चना, अलसी आदि। यह रवि की अनाज फसलें है। और रबी की फसलें (बीज वाली) सौंफ़, मैथी दाना, जीरा आदि यह रवि की बीज वाली फसलें हैं। रवि की फसलें (सब्जियों में) आलू ,मटर, प्याज, टमाटर, आदि है यह रवि की फसल में उगाई जाने वाली सब्जियां हैं। यहां पर हमने आपको बताया है कि रवि की फसलें कौन-कौन सी होती है 
कौनसी फसलें रबी की फसल होती है?
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रवि शब्द अरबी शब्द से लिया गया है। क्या आप जानते हैं कि रवि की फसल कब उगाई जाती है यहां पर हम आपको बताएंगे। अक्सर रवि की फसल सर्दी के मौसम में यानी कि सितंबर और अक्टूबर के बीच में की जाती है। क्योंकि इन फसलों की बुवाई के समय कम तापमान की आवश्यकता होती है और इन्हें पकाने के लिए शुष्क और गर्म वातावरण की आवश्यकता होती है। रवि की फसलों में गेहूं, जौ, आलू, चना, मसूर, अलसी, मटर आदि चीजों की फसलें होती हैं।इस फसल की कटाई मई के महीने में की जाती है।
रबी की फसल को सर्दियों में उगाया जाता है और दक्षिण एशिया में वसंत में काटा जाता है। रबी शब्द यदि अरबी भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ है वसंत। इसे रबी की फसल और वसंत की फसल भी कहा जाता है (जिसे सर्दियों की फसल भी कहा जाता है)। मानसून की बारिश समाप्त होने के बाद, रबी की फसलें नवंबर के मध्य में बुवाई की जाती हैं और अप्रैल / मई में कटाई शुरू हो जाती है। फसलें या तो वर्षा के पानी से उगाई जाती हैं जो जमीन में धंस जाती हैं, या सिंचाई के साथ। सर्दियों में अच्छी बारिश रबी की फसल को खराब कर देती है, लेकिन खरीफ फसलों के लिए अच्छा है। आमतौर पर गेहूं जौ, सरसों, तिल और मटर भारत में उगाए जाते हैं। मटर की फसल जल्दी पक जाती है, क्योंकि वे जल्दी तैयार हो जाते हैं: भारतीय बाजार जनवरी से मार्च तक हरी मटर से भरे होते हैं, फरवरी में पकते हैं। कुछ उदाहरण हैं: - अनाज गेहूँ जई जौ

