क्या आप जानते हैं कि भारत का प्रवेश द्वार किसे कहा जाता है।यदि आपको जानकारी है तो बहुत अच्छी बात है और यदि आपको जानकारी नहीं है तो आज मैं आपकी मदद करूंगी इसकी जानकारी प्राप्त करने में।
चलिए जानते हैं कि भारत का प्रवेश द्वार किसे कहा जाता है:-
जैसा कि आप जानते हैं कि हमारे भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग जिले हैं।और इन जिलों में अलग-अलग शहर हैं जो कि भारत को विविध भारत बनाने में मदद करते हैं।हमारे भारत में 28 राज्य और आठ केंद्र शासित प्रदेश हैं।हमारे भारत के अलग-अलग शहरों का अपना उपनाम है।क्योंकि शेरों को उनके मूल नाम के अलावा उनके उपनाम से भी लोग जानते हैं। यहां पर हम बात कर रहे हैं कि भारत कि भारत का प्रवेश द्वार किसे कहा जाता है। तो मैं आपको बता दूं कि महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर यानी देश की आर्थिक राजधानी को हमारे भारत देश का प्रवेश द्वार कहा जाता है। इसके अलावा मुंबई शहर को माया नगरी के नाम से भी जाना जाता है।
आखिर क्यों कहा जाता है मुंबई को प्रवेश द्वार चलिए जानते हैं :-
साल 1911 में जब ब्रिटिश सम्राट जार्ज पंचम और महारानी मेरी का भारत में आगमन हुआ तो उनके स्वागत के लिए मुंबई के दक्षिणी तट पर गेटवे ऑफ इंडिया का स्मारक बनाया गया था। लेकिन उस समय अपना मूल रूप में नहीं था। बल्कि उसे समय कार्डबोर्ड की आकृति बनाई गई थी।
मैं आपको बता दूं कि गेटवे ऑफ इंडिया की आधारशिला मार्च 1961 में रखी गई थी। क्योंकि उसे समय गुजराती वास्तुकला को शामिल करते हुए इंडो सर सैनिक शैली में इसका निर्माण शुरू हुआ था इसके निर्माण से पहले वास्तुकार जॉर्ज विवेक द्वारा डिजाइन को अंतिम रूप दिया गया था।
और फिर साल 1924 में जाकर इस स्मारक का निर्माण पूरा हुआ।
