क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसे भी राष्ट्रपति हुआ करते थे जो बचपन में अखबार बेचा करते थे लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर वह कौन से राष्ट्रपति थे जो बचपन में अखबार बेचा करते था शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी। तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।
यहां पर मैं आपको बताने वाली हूं कि हमारे भारत देश के कौन से राष्ट्रपति बचपन में अखबार बेचा करते थे :-
आप सभी ने डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में तो सुना ही होगा। जिन्हें भारत के मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम हमारे भारत देश के 11 राष्ट्रपति थे। एपीजे अब्दुल कलाम अपनी नायाब शख्सतियों वजह से जाने जाते थे।इनका बचपन काफी मुश्किलों में गुजरा है।1939 में, जब एपीजे अब्दुल कलाम 8 साल के थे, तब वे अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए अखबार बेचा करते थे। सुबह जब ट्रेन से अखबार आता था, तो वे उन्हें लेकर सड़कों पर बेचने निकल जाते थे। अब्दुल कलाम जी को पढ़ने का इतना शौक था कि वह अखबारों को खुद भी पढ़ा करते थे।और उन्हें अखबार बेचने से काफी कम पैसा भी मिला करता था।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम पैसों के लिए बेचा करते थे इमली के बीज :-
मैं आपको डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का एक और किस्सा बताना चाहती हूं जो काफी मजेदार था।यह बात दूसरे विश्व युद्ध के वक्त की है।उस वक्त उन्हें यह जानकारी अखबार के जरिए मिली की इमली के बीजों की मांग काफी बढ़ रही है।इमली के बीजों का उपयोग शायद युद्ध की सामग्री को बनाने में होनी थी।इस बात को अब्दुल कलाम जी ने अपने बड़े भाई को बताई और फिर दोनों जंगल जाकर इमली का बीज इकट्ठा करके लाते थे।इमली का बीज बेचकर उन्हें पैसा मिल जाते थे।इस बात को अब्दुल कलाम जी ने अपनी आत्मकथा में लिखी है।
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