A
Updated on Mar 14, 2024education

भारत के कौन से राष्ट्रपति बचपन में अखबार बेचा करते थे?

24
2 Answers

S
Answered on Mar 6, 2024

क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसे भी राष्ट्रपति हुआ करते थे जो बचपन में अखबार बेचा करते थे लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर वह कौन से राष्ट्रपति थे जो बचपन में अखबार बेचा करते था शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी। तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

 

यहां पर मैं आपको बताने वाली हूं कि हमारे भारत देश के कौन से राष्ट्रपति बचपन में अखबार बेचा करते थे :-

आप सभी ने डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में तो सुना ही होगा। जिन्हें भारत के मिसाइल मैन के नाम से भी जाना जाता है। डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम हमारे भारत देश के 11 राष्ट्रपति थे। एपीजे अब्दुल कलाम अपनी नायाब शख्सतियों वजह से जाने जाते थे।इनका बचपन काफी मुश्किलों में गुजरा है।1939 में, जब एपीजे अब्दुल कलाम 8 साल के थे, तब वे अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए अखबार बेचा करते थे। सुबह जब ट्रेन से अखबार आता था, तो वे उन्हें लेकर सड़कों पर बेचने निकल जाते थे। अब्दुल कलाम जी को पढ़ने का इतना शौक था कि वह अखबारों को खुद भी पढ़ा करते थे।और उन्हें अखबार बेचने से काफी कम पैसा भी मिला करता था।

 

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम पैसों के लिए बेचा करते थे इमली के बीज :-

मैं आपको डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का एक और किस्सा बताना चाहती हूं जो काफी मजेदार था।यह बात दूसरे विश्व युद्ध के वक्त की है।उस वक्त उन्हें यह जानकारी अखबार के जरिए मिली की इमली के बीजों की मांग काफी बढ़ रही है।इमली के बीजों का उपयोग शायद युद्ध की सामग्री को बनाने में होनी थी।इस बात को अब्दुल कलाम जी ने अपने बड़े भाई को बताई और फिर दोनों जंगल जाकर इमली का बीज इकट्ठा करके लाते थे।इमली का बीज बेचकर उन्हें पैसा मिल जाते थे।इस बात को अब्दुल कलाम जी ने अपनी आत्मकथा में लिखी है।

 

Letsdiskuss

12
A
Answered on Mar 13, 2024

चलिए मैं आपको बताती हूं कि हमारे भारत देश की वह कौन से महान राष्ट्रपति थे जो बचपन में अखबार बेचा करते थे :-

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का नाम तो आप सभी ने सुना ही होगा। जो कि भारत के पूर्व राष्ट्रपति थे और अब उनका निधन हो गया है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 के दिन रामेश्वर में हुआ था। अब्दुल कलाम जी का जन्म एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ही बचपन में  अखबार बेचा करते थे और अपने परिवार की आर्थिक मदद किया करते थे।

 

चलिए हम आपको बताते हैं कि डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का बचपन कैसे बीता:-

जब अब्दुल कलाम जी 8 वर्ष के थे तो वह सुबह 4:00 बजे उठते थे और नहा कर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे। नहा कर जाने के पीछे का कारण यह था कि प्रत्येक साल पांच बच्चों को मुफ्त में गणित पढ़ने वाले उनके टीचर बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ते थे। गणित पढ़ने के बाद अब्दुल कलाम की नमाज पढ़ने और इसके बाद वह सुबह 8:00 बजे रामेश्वरी रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर न्यूजपेपर बांटने के लिए चले जाते थे।

 

अब्दुल कलाम जी को पक्षियों से था खास लगाव :-

एक बार की बात है डीआरडीओ में उनकी टीम बिल्डिंग की सुरक्षा को लेकर चर्चा कर रही थी। तब टीम ने सुझाव दिया की बिल्डिंग की दीवार पर कांच के टुकड़े लगा देने चाहिए। लेकिन अब्दुल कलाम जी ने टीम के सुझाव को ठुकरा दिया और कहा कि अगर हम  ऐसा करेंगे तो इस दीवार पर पक्षी नहीं बैठ सकेंगे।

 

लिए हम आपको अब्दुल कलाम के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं:-

अब्दुल कलाम जी के पिताजी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। ये मछुआरों को नाव किराए पर दिया करते थे। अब्दुल कलाम की पांच भाई और पांच बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए पिता के पैसे कम पड़ जाते थे इसलिए शुरुआती शिक्षा जारी रखने के लिए कलाम जी को अखबार बेचना पड़ा।

 

 

Letsdiskuss

7