कहा जाता है कि कटहल भरपूर पोषण से भरी होती है लेकिन जिन लोगों की गैस की समस्या होती है उन्हें कटहल सब्जी खाने से बचना चाहिए क्योंकि कटहल वादी प्राकृतिक का माना जाता है। और लेस का सब्जी आदि प्रमुख रूप से वादी होती है जैसे अरबी बंडा,बंगाली बंडा,कटहल, बैगन, भिंडी, रतालू, कमल काकड़ी, आदि प्रकार की सब्जियां वादी होते हैं। वादी शब्द का प्रयोग जिसका संबंध शरीर में गंदगी जमा करने से होता है अगर इन सब चीजों का इस्तेमाल अक्सर ठंडे में करते हैं तो यह बादी शरीर में टॉक्सिन से जमा होने पर वादी की समस्या होती है बादी की वजह से हमारे शरीर में काफी भारीपन महसूस होगा
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अक्सर ठंडी में हम कई सारी सब्जियां अधिक खा लेते हैं जो हमारे सेहत के लिए नुकसान करती हैं! ऐसी सब्जियों को हमें कम से कम खाना चाहिए!
टमाटर- टमाटर को हमें सीमित मात्रा में खाना चाहिए ! क्योंकि सर्दियों ज्यादा टमाटर खाने से हमारे पेट में गैस, बदहजमी, उल्टी, शरीर में सुस्ती जैसी समस्याएं हो सकती ।
बैगन -अकसर हमारे घर के बड़े लोग कहते हैं कि सर्दी के मौसम में भाटा खाने से बादी हो सकती है। इसलिए हमें सर्दी में बैगन को कभी कभार खाना चाहिए!
आलू- अधिकतर लोगों को आलू बहुत पसंद होती है! इसीलिए वह सर्दी के मौसम में भी आलू का सेवन ज्यादातर करते हैं जिससे उन्हें बादी की शिकायत हो सकती है। क्योंकि सब लोगों का पाचन तंत्र एक जैसा नहीं होता है ।
टमाटर बैंगन आलू ब्रोकली फूलगोभी पनीर पत्ता गोभी सर्दियों में इन सभी सब्जियों के जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बादी की शिकायत हो सकती है अगर किसी को बादी की शिकायत है तो उसे सूखी सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए वादी का प्रमुख कारण सर्दियों में कब पानी पीने से होता है इसीलिए सर्दी में भी भरपूर पानी का सेवन करना चाहिए
आपने हमेशा अपने घर मे बड़े बुजुर्गो यानि दादा -दादी मुँह से सुना होगा कि ठंडी मे बैगन मत खाओ बादी होता है। इसके अलावा बहुत सी ऐसी सब्ज़ीयां है जो बादी होती है जैसे -कटहल,कद्दू, गोभी,अरवी, रतालू, भिंडी,कमल ककड़ी आदि सब्जियों खाने से ठंड मे बादी होता है जिसके वजह से घुटनो मे दर्द होना,शरीर पूरा भारी -भारी सा लगता है और कुछ काम करने मन नहीं लगता है,तथा अलास्य सी लगती है, पेट गैस बनना, एसीडीटी होने लगती है।

लेसदार सब्जियां हैं अक्सर प्रमुख रूप से वादी होती है। जो इनमें से प्रमुख है जैसी शकरकंद, बंडाल, बंगाल बंडाल, रतालू, सूरन आदि सब्जियां होती है जो प्रमुख रूप से वादी होती है।
अक्सर हम सर्दियों के मौसम में ऐसी सब्जियां खा लेते हैं जो हमारे सेहत के लिए नुकसान करती है। हमें मौसम के अनुसार सब्जियों को खाने के प्रयोग में लाना चाहिए। जैसे फूलगोभी, पता गोभी, लौकी, शिमला मिर्च, आलू की सब्जी, टमाटर, मूली के पत्ते की सब्जी, आदि चीजों का सेवन करना चाहिए इनकी सब्जी खाने से हम बिल्कुल स्वस्थ रहते हैं। क्योंकि इन सब्जियों में भरपूर मात्रा में पोषक तत्व पाया जाता है।
आपने सुना होगा कि आपके घर मे अक्सर दादा दादी कहते है कि ठंडी मे बैगन मत खाओ बादी होता है। इसके अलावा बहुत सी ऐसी सब्ज़ीयां है जो बादी होती है जैसे -कटहल,कद्दू, गोभी,अरवी, रतालू, भिंडी,कमल ककड़ी आदि सब्जियों खाने से ठंड मे बादी हो जाता है जिसके वजह से घुटनो मे दर्द होना,शरीर पूरा भारी -भारी सा लगने लगता है और कुछ काम करने मन नहीं लगता है,तथा अलास्य सी लगती है।

कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं, जिन्हें खाने के बाद पेट में गैस या भारीपन महसूस हो सकता है। इन्हें आम बोलचाल में बादी कहा जाता है।
ऐसी सब्जियों में आमतौर पर Cabbage (पत्तागोभी), Cauliflower (फूलगोभी), Potato (आलू) और Peas (मटर) शामिल होती हैं।
इसके अलावा राजमा, छोले और कुछ दालें भी कई लोगों में गैस बना सकती हैं।
इन सब्जियों में फाइबर और कुछ ऐसे तत्व होते हैं, जो पाचन के दौरान गैस उत्पन्न कर सकते हैं।
लेकिन यह हर व्यक्ति पर अलग-अलग असर डालता है, कुछ लोगों को ज्यादा परेशानी होती है तो कुछ को नहीं। सही तरीके से पकाकर और सीमित मात्रा में खाने से इनका प्रभाव कम किया जा सकता है।





