चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि डीएनए क्या है और DNAकी खोज किसने की थी।
DNA की खोज सबसे पहले जोहंश फ्रेडरिक मिशर ने सन 1869 मे की थी। उन्होंने डीएनए की खोज श्वेत रक्त कोशिकाओं में की थी।
इसके बाद वाटसन एवं क्रिक ने 1953 में डीएनए की खोज की थी। वाटसन एवं क्रिक ने डीएनए द्वविकुंडली मॉडल भी प्रस्तावित किया है।
चलिए हम डीएनए से जुड़ी और कुछ जानकारियां देते हैं।
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मैं आपको बताते हैं कि डीएनए क्या है।
DNA- डीएनए का फुल फॉर्म डीऑक्सिरिबोन्यूक्लिक एसिड होता है।
डीएनए एक नाभिकीय अम्ल है,जो अनुवांशिकता के लिए उत्तरदाई होता है। डीएनए जीन के रूप में कार्य करता है। डीएनए पादप कोशिकाओं को छोड़कर सभी प्रकार की प्रोकैरियोटिक और कोशिकाओं में पाया जाता है।
डीएनए के संरचना - डीएनए की संरचना दो प्रकार की होती है-(1) रासायनिक संरचना।(2) आणविक संरचना।
- रासायनिक संरचना- रासायनिक संरचना में डीएनए बहुत से न्यूक्लियोटाइड से मिलकर बना होता है इस कारण डीएनए को पॉलिन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला भी कहा जाता है। डीएनए का प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड निट्रोजनी क्षारक,एक पेंटोस शर्करा, डीऑक्सिराइबोस शर्करा,एवं फास्फोरिक अम्ल से मिलकर बना एक कार्बनिक यौगिक है।
- डीएनए की आणविक संरचना- डीएनए की आणविक संरचना वाटसन एवं क्रिक ने दी थी। वाटसन एवं क्रिक डीएनए की आणविक संरचना को समझाने लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया जिसे डीएनए मॉडल कहते हैं।
डीएनए मॉडल की विशेषताएं निम्नलिखित है -
- डीएनए के प्रत्येक आणु में दो स्टैंड होते हैं जो की एक दूसरे के चारों ओर लिपट कर दो कुंडली संरचना का निर्माण करते हैं।
- प्रत्येक डीएनए में पॉलिन्यूक्लियोटाइड के दो श्रृंखलाएं होती हैं और वह दोनों श्रृंखलाएं असाखित होती हैं।
- डीएनए के दोनों पॉलिन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला एक दूसरे के समांतर होती हैं।
- दोनों पॉलिन्यूक्लियोटाइड श्रृंखला आपस में हाइड्रोजन बॉन्ड के द्वारा जुड़ी होती हैं।
- डीएनए की दोनों पॉलिन्यूक्लियोटाइड की श्रृंखला की लंबाई 34A° होती है।