komal Solanki
komal Solanki· 2 years ago
Exploring lifestyle, entertainment, and cultural trends through engaging, informative, and practical content.

शादी के मंडप मे चार खंबे ही क्यु होते है?

42
477

Join this conversation

Sort By
Replying to the question above
Answered on10/27/23

हमारे हिंदू धर्म में जब भी शादी विवाह होता है तो मंडप अवश्य लगाया जाता है, जिनमें चार खंबे लगे हुए होते हैं, क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है की शादी के मंडप में चार खंबे ही क्यों होते हैं चार के अलावा 6 या 7 खम्भे भी तो हो सकते हैं लेकिन 4 ही खंबे जरूरी क्यों होते हैं? चलिए शास्त्रों के अनुसार इसकी जानकारी प्राप्त करते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है?धर्म ग्रंथों के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में चार चरण होते हैं: , ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और आखिर में संन्यास।मंडप के चार स्तंभ जीवन के इन्हीं चार चरणों का प्रतीक माने जाते है। हम हिन्दू धर्म के लोग हैं इसलिए हमारे यहां बिना मंडप की शादी की कल्पना भी नहीं की जा सकती है यदि मंडप नहीं लगाया जाएगा तो शादी भी नहीं होगी, यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो हमारे उत्तर को लाइक अवश्य करें।

Letsdiskuss

और पढ़े- शादी करने के क्या फायदे हैं और क्या नुकसान है?

A
View Profile
20
Replying to the question above
Answered on10/18/23

शादी के मंडप में चार खंबे ही क्यों होते हैं क्या आपने कभी इस बात के बारे में सोचा है। यदि आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है तो चलिए आज हम आपको इसकी पूरी जानकारी देते हैं।

शादी में मंडप का बहुत ही ज्यादा महत्व होता है इसके बिना शादी की कल्पना नहीं की जा सकती।तो चलिए जानते हैं कि आखिर शादी के मंडप पर चार खंबे ही क्यों होते हैं धर्म ग्रंथों के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में चार चरण होते हैं: , ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और आखिर में संन्यास।मंडप के चार स्तंभ जीवन के इन्हीं चार चरणों का प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही, यह पंच तत्व को भी दर्शाते हैं। इसके अलावा यह चार प्रकार के स्तंभ , वायु, पृथ्वी जल और आकाश को भी दर्शाते हैं इस प्रकार पहले से ही मंडप में चार खंबे को बनाने का रिवाज़ चला आ रहा है।

Letsdiskuss

और पढ़े- आपको कैसी शादी पसंद है लव मैरिज या अरेंज मैरिज?

A
View Profile
20
Replying to the question above
Answered on10/27/23

दोस्तों चलिए आज आपको हम इस आर्टिकल में बताएंगे कि शादी के मंडप में चार खंबे ही क्यों होते हैं यदि आपको नहीं पता तो आप इस आर्टिकल को जरूर पढ़ें।धर्म ग्रंथों के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में चार चरण होते हैं: ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और आखिर में संन्यास। मंडप के चार स्तंभ जीवन के इन्हीं चार चरणों का प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही, यह पंच तत्व को भी दर्शाते हैं। शादी के मंडप में हमेशा चार खंबे रहते हैं।और मंडप का मतलब महज आम के पत्ते लगा फूस का छप्पर भर नहीं होता, इसके साथ साक्षी होते हैं हिन्दू और वे देवता जिनका आह्वान करके उन्हें बुलाया जाता है।और फिर देवता नए जीवन में प्रवेश करने वाले वर-वधू को अपना आशीर्वाद देते हैं और उनके वैवाहिक बंधन के साक्षी बनते आशीर्वाद देते हैं कि सदा सुहागन रहो जिससे उनका वैवाहिक जीवन अच्छे से व्यतीत होता है।Article image

S
View Profile
19
Replying to the question above
Updated on10/28/23

अक्सर अपने शादियों में देखा होगा की जहां पर लड़का और लड़की की शादी होती है वहां पर चार खंबे होते हैं उसी के अंदर लड़के और लड़की का विवाह होता है तो ऐसा क्यों होता है कि चार ही खंबे होते हैं तो चलिए जानते हैं।

हिंदू धर्म में मंडप का खास महत्व है जहां तारों की छाया में दूल्हा-दुल्हन फेरे लेकर सात जन्मों के बंधन में बंध जाते हैं। यह माना जाता है कि शुभ कार्य घरों की चार दीवारी में किया जाना चाहिए। ऐसा करने से समृद्धि आती है। धर्म ग्रंथों के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में चार चरण होते हैं: , ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और आखिर में संन्यास। मंडप के चार स्तंभ जीवन के इन्हीं चार चरणों का प्रतीक माने जाते हैं। साथ ही, यह पंच तत्व को भी दर्शाते हैं। इसके अलावा यह चार प्रकार के स्तंभ , वायु, पृथ्वी जल और आकाश को भी दर्शाते हैं इस प्रकार पहले से ही मंडप में चार खंबे को बनाने का रिवाज़ चला आ रहा है।

Letsdiskuss

Krishna Patel
View Profile
17
Answered on08/28/23

शिवजी पर लौग चढ़ाने से कई सारे लाभ होते है -

• यदि कोई कुंवारी कन्या शिवजी के शिवलिंग मे सोमवार के दिन 11 लौग चढ़ाती है और पूजा -पाठ करती है तो शिव जी उन पर प्रसन्न होकर उन्हें अच्छे वर की प्राप्ति का वरदान देते है।और उस कन्या को अच्छा वर मिलता है और वह आपने जीवन मे हमेशा खुश रहती है क्योंकि उसे शिव जी के रूप मे अच्छा वर मिलता है।Letsdiskuss

और पढ़े- प्रयागराज में कौन सा ऐसा मंदिर शिव का है, जहां पर शिवजी की लगती है अदालत?

S
View Profile

Mp

26
0
Replying to the question above
Answered on03/10/26

हिंदू धर्म में विवाह एक अत्यंत पवित्र संस्कार है और शादी का मंडप उस स्थान का प्रतीक है जहाँ अग्नि को साक्षी मानकर दो आत्माओं का मिलन होता है। मंडप की संरचना में चार खंभों का होना मात्र वास्तुकला नहीं, बल्कि गहरा आध्यात्मिक और दार्शनिक महत्व रखता है।

चार खंभों का मुख्य अर्थ:

  • पुरुषार्थ के चार स्तंभ: हिंदू दर्शन के अनुसार मनुष्य के जीवन के चार मुख्य आधार या 'पुरुषार्थ' होते हैं— धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष। मंडप के चार खंभे इन्हीं चार उद्देश्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह इस बात का संकेत है कि गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले जोड़े को इन चारों के बीच संतुलन बनाकर चलना होगा।
  • चार वेद: ये खंभे चारों वेदों— ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के भी प्रतीक माने जाते हैं। इसका अर्थ है कि विवाह का बंधन ईश्वरीय ज्ञान और मर्यादाओं के संरक्षण में संपन्न हो रहा है।
  • चार अवस्थाएँ (आश्रम): कुछ मान्यताओं के अनुसार, ये जीवन की चार अवस्थाओं— ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और संन्यास को भी दर्शाते हैं, जिनमें से गृहस्थ आश्रम सबसे महत्वपूर्ण माना गया है।
  • दिशायें और स्थिरता: चार खंभे चारों दिशाओं से सुरक्षा और जीवन की स्थिरता का प्रतीक हैं। यह दर्शाता है कि विवाहित जोड़ा हर परिस्थिति में एक-दूसरे का आधार बनकर खड़ा रहेगा।

निष्कर्ष: मंडप के ये चार स्तंभ दूल्हा और दुल्हन को यह याद दिलाते हैं कि उनका वैवाहिक जीवन केवल प्रेम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कर्तव्यों, नैतिकता और आध्यात्मिक उन्नति का एक साझा मार्ग है।

Ramesh Kumar
View Profile
0