J
Jonny Smith· 2 years ago
Simplifying learning through practical guides, educational resources, and easy-to-understand explanations.

द्रौपदी ने घटोत्कच को श्राप क्यों दिया था?

8
172

Join this conversation

Sort By
Replying to the question above
Answered on01/30/24

महाभारत काल में पांडवो के अज्ञातवास में पांडवो की मुलाकात राक्षसी हिडिंबा से हुई थी। भीम ने हिडिंबा के भाई हिडिंब को मार दिया था जिसकी वजह से हिडिंबा भीम की और आकार्षित हो गई और कुंती से भीम के साथ विवाह करने का आग्रह किया।

भीम और हिडिंबा का विवाह हो गया। उनके दो पुत्र हुएघटोत्कच और अंजनपर्वा ।

घटोत्कचविशाल शरीर के साथ बड़ा परक्रमि था। और मायावी शक्तियों से भरपूर था। महाभारत मे पांडवो की और से युध्य किया था। युध्य के लिए वह जैसे ही कुरुक्षेत्र पहुँचे घटोत्कच ने सबका आदर किया लेकिन द्रोपदी का सम्मान नही किया। ऐसा करने को घटोत्कच की माँ हिडिंबा ने कहा था। द्रोपदी ने कहाँ की वह सबसे मुख्य है, सबसे बड़ी रानी है उन्हे सम्मान मिलना चाहिए फलस्वरूप द्रोपदी को अपना अनादर करने के कारण द्रोपदी ने घटोत्कच को श्राप दिया

- घटोत्कच तुम्हारा जीवन बहुत छोटा होगा और तुम बिना किसी लडाई के ही मारे जाओगे।

कुरुक्षेत्र मे द्रोपदी के श्राप के अनुसार घटोत्कच को कर्ण ने अपने वरदान के अनुसार उसे मार दिया।

घटोत्कच राक्षस था युध्य के चौदवे दिन जब घटोत्कच ने भीषण पराक्रम किया तो कौरवो की सेना हिल गई थी।

घटोत्कच ने सभी को बहुत नुकसान पहुँचया था। दुर्योधन भी घटोत्कच के आक्रमण से घायल हो गए थे।

दुर्योधन के कहने और बाकी सभी के आग्रह पर कर्ण ने अर्जुन पर चलाने वाले बाण को घटोत्कच पर चला दिया जिससे वह जमीन पर गिर गया। लेकिन मरने के पहले भी घटोत्कच ने पांडवो की मदद करते हुए अपना दम तोडा था उन्होंने जमीन पर गिरने से पहले अपने शरीर को इतना बड़ा कर लिया के कौरवो की आधी सेना पर गिर गए जिससे कौरवो की सेना मर गई।

घटोत्कच की मृत्यु से श्री कृष्ण अति प्रसन्न थे क्योकि दैवीय वरदान वाला बाण कर्ण ने घटोत्कच पर चला दिया था जिससे अर्जुन की रक्षा हो गई थी।

Letsdiskuss

komal Solanki
View Profile
4