क्या आप जानते हैं कि दुर्योधन कोई भी काम करने से पहले पांडु पुत्र से क्यों पूछते थे। चलिए हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं।
बताया जाता है कि सहदेव एक अच्छे ज्योतिषी थे। उन्हें हमेशा शुभ अशुभ मुहूर्त की प्रमाणित एवं विश्वसनीय सूचना होती थी। मैं आपको बता दूं कि सहदेव एक खगोल विज्ञानी भी थे। उन्हें ग्रह और नक्षत्र के बारे में अच्छी जानकारी थी। इसके अलावा सहदेव को ज्योतिषी का भी ज्ञान था इसी वजह से दुर्योधन कोई भी काम करने से पहले पांडु पुत्र सहदेव से पूछते थे। मैं आपको बता दूं कि सहदेव त्रिकालदर्शी थे और कोई भी घटना घटने से पहले उन्हें जानकारी हो जाती थी इसी वजह से दुर्योधन हमेशा सहदेव से पूछने के बाद ही कोई भी कार्य करते थे।
चलिए हम आपको बताते हैं कि दुर्योधन अच्छा व्यक्ति था या बुरा:-
कई हिंदू मानते हैं कि दुर्योधन लालच, अहंकार और वासना जैसे राक्षसी गुना के साथ काली का अवतार थे। इसके अलावा बहुत से लोग दुर्योधन को एक न्याय प्रिय राजा मानते थे। इसलिए हम कह सकते हैं कि दुर्योधन एक बहुत ही अच्छे व्यक्ति थे।
चलिए हम आपको इसकी भी जानकारी देते हैं कि सहदेव कौन थे:-
मैं आपको बता दूं कि सहदेव महाभारत के पांच प्रमुख नायक पांडव भाइयों में सबसे छोटे भाई थे। मैं आपको बता दूं कि सहदेव माता माद्री के समान जुड़वा पुत्रों में से एक थे। जिनका जन्म देव चिकित्सक अश्विनी के वरदान स्वरुप हुआ था। मैं आपको बता दूं कि जब नकुल और सहदेव का जन्म हुआ था तब यह आकाशवाणी हुई थी कि शक्ति और रूप में यह जुड़वा बंधु स्वयं जुड़वा अश्विनो से भी बढ़कर होंगे। मैं आपको बता दूं कि सहदेव का वध द्रोणाचार्य के हाथों से हुआ था।



