आपने बिल्कुल सही कहा हम टीवी और असल जिंदगी में वकील को काले रंग का कोट पहने देखते हैं। और हमारे दिमाग में अक्सर इस तरह का सवाल आता है कि आखिर वकील और जज लोग काले रंग का ही को क्यों पहनते हैं। आखिर इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है? शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए मैं आपको इसके पीछे का कारण बताती हूं।
आज मैं आपको बताने वाली हूं कि वकील काले रंग का को क्यों पहनते हैं :-
मैं आपको बता दूं कि इतिहास के अनुसार वकालत की शुरुआत 1332 में हुई थी। और उस समय न्यायाधीश के लिए अलग तरह की ड्रेस होती थी। और उस वक्त वकीलों को काला कोर्ट नहीं पहनना होता था। और उस समय वकील लाल कपड़े और भूरे रंग का गाउन पहना करते थे। वकीलों का ड्रेस कोड में 1600 साल बाद बदलाव किया गया। जिसके अनुसार न्यायाधीश और वकीलों को आम जनता से अलग दिखाने के लिए काले रंग का ड्रेस कोड पहनने के लिए कहा गया। मैं आपको बता दूं कि काले रंग के कोट को अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इसे भारत देश के अलावा भी कई सारे देशों में वकील यह ड्रेस कोड फॉलो करते हैं।
दूसरा कारण है कि इंग्लैंड के किंग चार्ल्स द्वितीय के निधन पर भी वकील और जज को आदेश दिया गया था कि काले रंग के कपड़े पहने। इस कारण से भी वकील काले रंग का कोट पहनते हैं।
वही बात करें साल 1994 की तो क्वीन मैरी की मृत्यु के बाद विलियमसन ने क्वीन के निधन पर शोक मनाने के लिए सभी जज और वकीलों को काले रंग का गाउन पहनने के लिए आदेश दिया गया था ताकि वकील और जज आम जनता से अलग नजर आए। इस कारण से भी वकील और जज काला कोट पहनना शुरू कर दिए थे।


