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Sonam Singh· 2 साल पहले
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वकील काले रंग का ही कोट क्यों पहनते हैं?

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जवाब दिया गया03/02/24

आपने कभी ना कभी वकील को तो देखा ही होगा और देखा होगा कि जब भी वकील कोर्ट पर केस लड़ने के लिए जाते हैं तो अक्सर काले रंग का कोट पहने रहते हैं क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर वकील काले रंग का ही को क्यों पहनते हैं चलिए हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं।

 वकील काले रंग के को इसलिए पहनते हैं क्योंकि कालाकोट अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। और काले रंग की बात करें तो काले रंग को ताकत और अधिकार का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा काले रंग का संबंध आज्ञा का पालन करना व न्याय के अधीन से भी है। इसलिए सभी वकीलों व जजों को न्याय के अधीन माना गया है।

 

 दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि काले रंग को दृष्टिहीनता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हम सभी यह जानते हैं कि कानून भी अंधा है यानी कि जिस प्रकार एक अंधा व्यक्ति कभी पक्षपात नहीं करता इस तरह समाज में कानून भी सभी के लिए एक समान होता है। यह भी दर्शाता है कि सभी वकील समान हैं, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि या व्यक्तिगत विश्वास कुछ भी हो। वे सभी न्याय के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध हैं।

 

चलिए जानते हैं कि हमारे भारत में काला कोट पहनने का चलन कब से हुआ है:-

बताया जाता है की अंग्रेजी हुकूमत के समय जज और वकील काला गाउन और सूट पहनते थे। लेकिन आजाद भारत में इस व्यवस्था को 1965 में अनिवार्य कर दिया गया। चाहे स्कूली जीवन हो ऑफिस हो या कोर्ट हो हर जगह ड्रेस कोड का एक खास कारण अनुशासन होता है। और अब हमारे भारत देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम देशों में काला कोट पहना जाता है।

 

 

 

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Aanya  Singh
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जवाब दिया गया03/04/24

आपने बिल्कुल सही कहा हम टीवी और असल जिंदगी में वकील को काले रंग का कोट पहने देखते हैं। और हमारे दिमाग में अक्सर इस तरह का सवाल आता है कि आखिर वकील और जज लोग काले रंग का ही को क्यों पहनते हैं। आखिर इसके पीछे का कारण क्या हो सकता है? शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो कोई बात नहीं चलिए मैं आपको इसके पीछे का कारण बताती हूं।

आज मैं आपको बताने वाली हूं कि वकील काले रंग का को क्यों पहनते हैं :-

मैं आपको बता दूं कि इतिहास के अनुसार वकालत की शुरुआत 1332 में हुई थी। और उस समय न्यायाधीश के लिए अलग तरह की ड्रेस होती थी। और उस वक्त वकीलों को काला कोर्ट नहीं पहनना होता था। और उस समय वकील लाल कपड़े और भूरे रंग का गाउन पहना करते थे। वकीलों का ड्रेस कोड में 1600  साल बाद बदलाव किया गया। जिसके अनुसार न्यायाधीश और वकीलों को आम जनता से अलग दिखाने के लिए काले रंग का ड्रेस कोड पहनने के लिए कहा गया। मैं आपको बता दूं कि काले रंग के कोट को अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि  इसे भारत देश के अलावा भी कई सारे देशों में वकील यह ड्रेस कोड फॉलो करते हैं।

 दूसरा कारण है कि इंग्लैंड के किंग चार्ल्स द्वितीय के निधन पर भी वकील और जज को आदेश दिया गया था कि काले रंग के कपड़े पहने। इस कारण से भी वकील काले रंग का कोट पहनते हैं।

 वही बात करें साल 1994 की तो क्वीन मैरी की मृत्यु के बाद विलियमसन ने क्वीन के निधन पर शोक मनाने के लिए सभी जज और वकीलों को काले रंग का गाउन पहनने के लिए आदेश दिया गया था ताकि वकील और जज आम जनता से अलग नजर आए। इस कारण से भी  वकील और जज काला कोट पहनना शुरू कर दिए थे।

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जवाब दिया गया03/02/24

सड़क पर चलते हुए अगर आपको काला कोट पैंट और सफेद शर्ट पहनें कोई व्यक्ति नजर आ जाए तो आप तुरंत ही समझ जाएंगे कि वो एक वकील है। आपने अक्सर टीवी या फिल्मों में देखा ही होगा की अदालत में मौजूद सभी वकील काले रंग का कोट ही पहनते हैं। क्या आप जानते हैं कि आखिर जज और वकील काले रंग का कोट क्यों पहनते हैं, किसी और रंग का क्यों नहीं। अगर आप नहीं जानते तो आज हम आपको इसी सवाल का जवाब बताते हैं। जज और वकील का काला कोट किसी फैशन की निशानी नहीं है कई करनों के चलते उनकी ड्रेस ऐसी हो गई है। काला कोट वैसे तो दूसरे प्रोफेशन में पहना जाता है पर जज और वकील की इनसे ही पहचान है। लोअर कोर्ट हो या फिर हाई कोर्ट हो और सुप्रीम कोर्ट,  वकील और जज काला कोट पहनते हैं। दरअसल कालाकोट अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है इसके अलावा काले रंग की बात करें तो यह ताकत और अधिकार का भी प्रतीक माना जाता है। साथ ही काले रंग का संबंध आज्ञा का पालन करना व न्याय के अधीन होने से भी है इसलिए सभी वकीलों और जजों को न्याय के अधीन माना जाता है। इसके अलावा आपको बता दें कि काला रंग दृष्टिहीनता का भी प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हम सभी यह जानते हैं कि कानून भी अंधा होता है यानी जिस प्रकार एक अंधा व्यक्ति कभी किसी के साथ पक्षपात नहीं करता, इस तरह समाज में कानून भी सभी के लिए एक समान होता है। इसीलिए अदालत में वकीलों को काला कोट पहनना अनिवार्य है क्योंकि यह इस बात का प्रतीक है की अदालत की कार्रवाही के दौरान वकील बिना किसी भेदभाव के न्याय के लिए लड़ेंगे। साथ काले रंग का कोट वकीलों को दूसरे अन्य प्रोफेशन की तुलना में एक अलग पहचान देता है। 

 

 

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