आपने कभी ना कभी वकील को तो देखा ही होगा और देखा होगा कि जब भी वकील कोर्ट पर केस लड़ने के लिए जाते हैं तो अक्सर काले रंग का कोट पहने रहते हैं क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर वकील काले रंग का ही को क्यों पहनते हैं चलिए हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं।
वकील काले रंग के को इसलिए पहनते हैं क्योंकि कालाकोट अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। और काले रंग की बात करें तो काले रंग को ताकत और अधिकार का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा काले रंग का संबंध आज्ञा का पालन करना व न्याय के अधीन से भी है। इसलिए सभी वकीलों व जजों को न्याय के अधीन माना गया है।
दूसरा सबसे बड़ा कारण यह है कि काले रंग को दृष्टिहीनता का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में हम सभी यह जानते हैं कि कानून भी अंधा है यानी कि जिस प्रकार एक अंधा व्यक्ति कभी पक्षपात नहीं करता इस तरह समाज में कानून भी सभी के लिए एक समान होता है। यह भी दर्शाता है कि सभी वकील समान हैं, चाहे उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि या व्यक्तिगत विश्वास कुछ भी हो। वे सभी न्याय के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध हैं।
चलिए जानते हैं कि हमारे भारत में काला कोट पहनने का चलन कब से हुआ है:-
बताया जाता है की अंग्रेजी हुकूमत के समय जज और वकील काला गाउन और सूट पहनते थे। लेकिन आजाद भारत में इस व्यवस्था को 1965 में अनिवार्य कर दिया गया। चाहे स्कूली जीवन हो ऑफिस हो या कोर्ट हो हर जगह ड्रेस कोड का एक खास कारण अनुशासन होता है। और अब हमारे भारत देश में ही नहीं बल्कि दुनिया के तमाम देशों में काला कोट पहना जाता है।




