आज के समय मे समय देखना कितना आसान है। पहले के समय के लोग वक्त सूर्य की छाया देखकर करते थे।
इसके बाद 1505 इस्वी मे पीटर हेनलेन ने किया था। इस घडी का नाम उन्होने पोमैंडर वॉच ऑफ 1505 रखा था। इस घडी का आकार पीटर ने एक सेब के आकार का रखा था। पीटर ने कॉपर और सोने से इसको बनाया था।
उस समय घड़ियाँ केवल कुछ खास लोगो के पास ही हुआ करती थी। हर एक के पास घडी होना संभव नही था।
धीरे धीरे इसके आकार मे सुधार किया गया और आज यह हर तरह के आकार मे उपलब्ध है।
लेकिन क्या आपने यह ध्यान दिया है के जब भी हम कोई नई घडी खरीदने जाते है तो उसमे समय 10. 10 हो रहा होता है। ऐसा क्यु होता है?
यदि आप यह बात नही जानते तो आज हम आपको यह बतायेंगे।
घडी के विक्रेताओ के अनुसार घडी मे 10.10 का समय एक स्माइल जैसा दिखाई देता है जो ग्राहक को आकर्षित करता है। इसक अलावा कंपनी का नाम भी 10.10 के बीच मे अच्छे से दिखाई देता है। जिससे कंपनी की ब्रांडिंग भी हो जाती हैं।
इसके अलावा कुछ 10.10 समय को लेकर कहानियाँ भी प्रचलित है। जिसके अनुसार घडी के आविष्कारक पीटर की मृत्यु का समय यही था। लेकिन सच्चाई का पता लगाने पर पता चलता है की पीटर की मृत्यु 10:15 मिनट पर गोली मारकर हुई थी उसके पश्चात उन्हे हॉस्पिटल ले जाया गया और सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर उनकी मृत्यु हो गई थी।
इसके साथ ही एक और कहानी भी है जिसके अनुसार हिरोशिमा और नागासाकी हमला 10.10 पर हुआ था इसलिए घड़ियों का समय यह रखा जाता हैं । लेकिन तथ्यो के अनुसार नागासाकी हमला रात्रि 11 बजे हुआ था।
यह भी कहा जाता हैं की जब घडी मे 10.10 होता है तो वह V आकार का होता है जो जीत को दर्शाता है। V यानी विक्ट्री।

