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Anushka

Mar 23, 2026news-current-topics

क्यों कहा जाता है कि लडकियों का दिमाग घुटनों में होता है ?

2 Answers
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@anjalipatel3903Feb 6, 2024

चलिए जानते हैं कि क्यों कहा जाता है की लड़कियों का दिमाग घुटनों में होता है:-

अक्सर मैंने बहुत से लोगों के मुंह से कहते हुए सुना है की लड़कियों का दिमाग घुटनों में होता है। अब ऐसा क्यों कहते हैं ये तो लड़के ही बता सकते हैं। क्योंकि सबसे ज्यादा ऐसी बातें लड़के ही करते हैं। लेकिन कुछ लड़कियां भी होती है जो इस बात से सहमत होती है। कभी-कभी लड़कियां ऐसी बात कर देती है कि जिसे यह बात साबित हो जाती है। लेकिन जब कोई लड़कियों को ऐसा कह देता है कि उनका दिमाग घुटनों में होता है तो उनके मन में भी कुछ इमोशन आ जाते हैं जिसकी वजह से लड़कियां थोड़ा चिढ़ जाती है।

चलिए हम आपको एक वीडियो के जरिए इसका बखान करते हैं कि आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है। मैंने एक वीडियो में देखा कि दो लड़कियां आपस में बात कर रही हैं लाइसेंस को लेकर अब जब लाइसेंस वाले आपको टेस्ट में फेल कर दे तो गुस्सा तो आएगा ही लेकिन फेल क्यों करते हैं इस बात की जानकारी आपको इस वीडियो में दी जाएगी जो वाकई फनी है। तो आप भी जानना चाहते होंगे कि इसके बारे में तो लिए इस वीडियो को एक बार जरूर देखिए।

यहां पर मैंने आपको वीडियो की लिंक भेज दी है जिसके द्वारा आप इस फनी वीडियो को देखकर इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि आखिर क्यों कहा जाता है की लड़कियों का दिमाग घुटनों पर होता है क्योंकि लड़कियां कुछ ऐसी हरकतें कभी-कभी कर जाती हैं जिसकी वजह से यह बात कहना स्वभाविक हो जाता है की लड़कियों का दिमाग घुटनों पर होता है। लेकिन आज के समय में ऐसी हरकतें बहुत ही कम लड़कियां करती हैं। इसलिए आप इन बातों को लेकर परेशान ना हो।

Letsdiskuss

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@vrindashashwat9890Mar 21, 2026

यह एक पुरानी और गलत कहावत है, जिसका कोई वैज्ञानिक या वास्तविक आधार नहीं है।

यह वाक्य सिर्फ मज़ाक या तंज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो समाज में बनी रूढ़िवादी सोच (stereotype) को दर्शाता है।

असल में बुद्धि, समझ और क्षमता किसी के लिंग (gender) पर निर्भर नहीं करती। लड़के और लड़कियां दोनों ही समान रूप से सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता रखते हैं।

आज के समय में महिलाएं शिक्षा, विज्ञान, राजनीति और हर क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं। ऐसी कहावतें केवल भेदभाव को बढ़ावा देती हैं और इन्हें सही नहीं माना जाता। सही बात यह है कि दिमाग सभी के पास समान रूप से होता है, फर्क सिर्फ सोच और अवसर का होता है।

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