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Shivani Patel· 2 साल पहले
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उज्जैन नगरी क्यों प्रसिद्ध हैं ?

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जवाब दिया गया12/15/23

उज्जैन भारतीय राज्य मध्य प्रदेश का पांचवा सबसे बड़ा शहर है। यह एक अत्यंत प्राचीन शहर है, उज्जैन शिप्रा नदी के किनारे बस नगर है। उज्जैन के गौरव महाकाल है। उज्जैन के राजा महाकालेश्वर को मना जाता हैं। उज्जैन नगरी के श्री महाकालेश्वर भारत में 12 प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंगों में से एक हैं। उज्जैन नगरी महाकाल के भस्म आरती के लिए प्रसिद्ध मानी जाती है। महाकालेश्वर पर भस्म आरती चढ़ाने की परंपरा है यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर रोज सुबह शिवजी की आरती भस्म से की जाती है। भस्म आरती से ही भगवान महाकाल का श्रृंगार किया जाता है। यहां हर 12 वर्ष पर सिंहस्त महाकुंभ का मेला लगता है, जहां लाखों हजारों की भीड़ में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं। उज्जैन को 'महाकाल की नगरी' के नाम से भी जाना जाता है।

हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव ने यहां दूषण नामक राक्षस का वध कर अपने भक्तों की रक्षा की थी। इसके बाद भक्तों के निवेदन के बाद भोले बाबा यहीं पर विराजमान हो गए उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से तीसरा ज्योतिर्लिंग माना जाता है। यहां महाकाल मंदिर के ऊपर गर्भग्रह में ओंकारेश्वर शिव की मूर्ति प्रतिष्ठित है। गर्भ ग्रह के पश्चिम,उत्तर और पूर्व में भगवान श्री गणेश, माता पार्वती और, श्री कार्तिकेय के चित्र स्थापित है। साथ ही दक्षिण में नंदीबाबा की प्रतिमा है। प्राचीन काल में उज्जैन नगर कई नाम से प्रचलित था। जिनमें अवंतिका, उज्जैनीय, विशाला, प्रतिकल्पा, कुमुदवाती, स्वर्णशृंगा, अमरावती आदि अनेक नाम से जाना था। यहां कई तीर्थ स्थल है.उज्जैन नगर प्राचीन काल से ही भारत के एक महान तीर्थ स्थल के रूप में विकसित रहा है। यह महान सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी भी रही हैं। उज्जैन को कालिदास की नगरी के नाम से भी जाना जाता था। इसीलिए उज्जैन नगरी इतनी प्रसिद्ध है।

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ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया12/14/23

उज्जैन मध्यप्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है। उज्जैन पावन शिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है। उज्जैन कई कारणों की वजह से प्रसिद्ध है। आज हम उज्जैन के बारे में आपको बतायेंगे। उज्जैन को कालिदास की नगरी भी कहा जाता है। यह राजाविक्रमादित्यके राज्य की राजधानी थी। उज्जैन मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर से 55 किलो मीटर दूरी पर स्थित है। इसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में जाना जाता है। उज्जैन की प्रसिद्धि को हम कुछ बिंदुओं के जरिये जानते है :-

  • उज्जैन मंदिरो की नगरी है। यहाँ बाबा महाकाल के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग स्थापित है। जिसके दर्शन के लिए रोज हजारो की लोग उज्जैन आते है और बाबा महाकाल के दर्शन करते है।
  • सिंहस्थ कुंभ का मेला हर 12 वें साल यहां पर आयोजित होता हैं।
  • यहाँ बाबा महाकाल के अलावा और भी कई मंदीर है जैसे - श्री बड़े गणपति मन्दिर, मंगलनाथ मन्दिर, हरसिद्धि मन्दिर, शिप्रा घाट, गोपाल मन्दिर, गढ़कालिका देवी, काल भैरव मन्दिर।
  • उज्जैन को मंगल गृह का जन्म स्थान माना गया है। इसलिए यहाँ मंगल गृह की शांति के लिए पूजा एवं हवन किये जाते है।
  • यहाँ प्रातः काल 4 बजे बाबा महाकाल की भस्मआरती की जाती है। यह भस्म ताजी चिताभस्म होती है।
  • विश्व प्रसिद्धसांदीपनि आश्रमउज्जैन में ही स्थित है। कहते है कि भगवान श्री कृष्ण ने यही पर 64 विद्या और 16 कला प्राप्त की थी। इसी आश्रम में उन्हे अपने परम मित्र सुदामा मिले थे।
  • दाल बाफला उज्जैन का पसंदीदा भोजन माना जाता है। इसके अलावा यहाँ पोहा, जलेबी, कचोरी, मक्खन बड़ा, पुडी - सब्जी भी यहाँ की पसंदीदा भोजन की लिस्ट मे शामिल है।
  • उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण किया गया है। जिसमे एक समय में लगभग 20 हजार लोग घूम सकते है। इस महाकाल लोक में सप्तऋषि, शिव स्तंभ, रुद्रसागर तट, लैंडस्केप , गार्डन,ओपन थियेटर और मुक्त आकाश मंच है।

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ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया12/17/23

चलिए आपको बताते हैं कि उज्जैन नगरी यानी कि महाकालेश्वर नगरी क्यों प्रसिद्ध है:-

हमारे भोले बाबा की उज्जैन नगरी भारत देश के मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है। जो की शिप्रा नदी के किनारे पर बसा हुआ है। हम आपको बता दें कि 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग उज्जैन नगरी पर स्थापित है।उज्जैन एक बहुत ही पुराना शहर है।और यह महान सम्राट विक्रमादित्य राज्य की राजधानी है। उज्जैन नगरी को कालिदास नगरी के नाम से भी जाना जाता है।

हम आपको बताते हैं कि उज्जैन नगरी की क्या-क्या खासियत है और यह क्यों प्रसिद्ध है।

हमारे भोले बाबा की नगरी उज्जैन नगरी में हर 12 वर्ष पर सिंहस्थ महाकुंभ मेला का आयोजन किया जाता है।

  • उज्जैन नगरी में रोज सुबह 4:00 बजे बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती की जाती है। और जो भस्म होती वह ताजी भस्म होती है।
  • उज्जैन नगरी को तीर्थ स्थलों का सबसे प्रमुख अच्छा और प्रमुख स्थान में से एक माना जाता है।
  • उज्जैन नगरी में लोग मंगल ग्रह की शांति के लिए भी आते हैं और फिर मंदिर में आकर पूजा हवन करते हैं। क्योंकि उज्जैन नगरी में ही मंगल ग्रह का जन्म स्थान है।
  • उज्जैन नगरी के प्राचीन नाम कुछ इस तरह के हैं अवन्तिका, उज्जयिनी, कनकश्रन्गा आदि है।
  • उज्जैन नगरी में रोजाना कम से कम लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकालेश्वर जी के दर्शन करने आते हैं।
  • उज्जैन नगरी मध्य प्रदेश का पांचवा सबसे बड़ा शहर है यहां की कुल आबादी 515215 लाख सन 2011 की गणना के अनुसार है।
  • इसलिए मेरा कहना है कि यदि हो सके तो आप अपनी जिंदगी में एक बार महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन नगरी घूमने के लिए अवश्य जाएं। जब आप यहां पर घूमने के लिए जाएंगे तो आपकी आत्मा को शांति और तृप्ति मिलेगी। भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद आप पर हमेशा बना रहेगा।

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