उज्जैन मध्यप्रदेश राज्य का एक प्रमुख शहर है। उज्जैन पावन शिप्रा नदी के किनारे बसा हुआ है। उज्जैन कई कारणों की वजह से प्रसिद्ध है। आज हम उज्जैन के बारे में आपको बतायेंगे। उज्जैन को कालिदास की नगरी भी कहा जाता है। यह राजाविक्रमादित्यके राज्य की राजधानी थी। उज्जैन मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शहर इंदौर से 55 किलो मीटर दूरी पर स्थित है। इसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में जाना जाता है। उज्जैन की प्रसिद्धि को हम कुछ बिंदुओं के जरिये जानते है :-
- उज्जैन मंदिरो की नगरी है। यहाँ बाबा महाकाल के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक ज्योतिर्लिंग स्थापित है। जिसके दर्शन के लिए रोज हजारो की लोग उज्जैन आते है और बाबा महाकाल के दर्शन करते है।
- सिंहस्थ कुंभ का मेला हर 12 वें साल यहां पर आयोजित होता हैं।
- यहाँ बाबा महाकाल के अलावा और भी कई मंदीर है जैसे - श्री बड़े गणपति मन्दिर, मंगलनाथ मन्दिर, हरसिद्धि मन्दिर, शिप्रा घाट, गोपाल मन्दिर, गढ़कालिका देवी, काल भैरव मन्दिर।
- उज्जैन को मंगल गृह का जन्म स्थान माना गया है। इसलिए यहाँ मंगल गृह की शांति के लिए पूजा एवं हवन किये जाते है।
- यहाँ प्रातः काल 4 बजे बाबा महाकाल की भस्मआरती की जाती है। यह भस्म ताजी चिताभस्म होती है।
- विश्व प्रसिद्धसांदीपनि आश्रमउज्जैन में ही स्थित है। कहते है कि भगवान श्री कृष्ण ने यही पर 64 विद्या और 16 कला प्राप्त की थी। इसी आश्रम में उन्हे अपने परम मित्र सुदामा मिले थे।
- दाल बाफला उज्जैन का पसंदीदा भोजन माना जाता है। इसके अलावा यहाँ पोहा, जलेबी, कचोरी, मक्खन बड़ा, पुडी - सब्जी भी यहाँ की पसंदीदा भोजन की लिस्ट मे शामिल है।
- उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण किया गया है। जिसमे एक समय में लगभग 20 हजार लोग घूम सकते है। इस महाकाल लोक में सप्तऋषि, शिव स्तंभ, रुद्रसागर तट, लैंडस्केप , गार्डन,ओपन थियेटर और मुक्त आकाश मंच है।
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