आम तौर पर इस बात पर कोई ध्यान नहीं देता की उम्र बढ़ने के साथ साथ सोच में क्या बदलाव आया लेकिन सबके जीवन में यह बात बहुत मायने रखती है | इसलिए आज मैं आपसे अपनी बदलाव हुई सोच के बारें में शेयर करने जा रहा हूँ |
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- बचपने में अक्सर होता है कि हम आपने आस पास वालों को उनके रंग रूप और पहनावें से उनके व्यवहार को समझने लगते है जो की गलत है और बड़े होते होते यह बात समझ आती है कि किसी भी व्यक्ति का पहनावा उसका वर्ताव नहीं बता सकता है |
- बचपन में हम अक्सर फिल्मों सी ज़िंदगी समझते है लेकिन असल ज़िंदगी के सच कुछ और ही होते है ये समझ आने लगा |
- भविष्य के लिए पैसे कितने जरुरी है यह बात समझ आयी|
- हम हर वक़्त हर जगह अपनी भावनाओं को नहीं व्यक्त सकते यह बदलाव भी आया |
- परिवार जीवन में कितनी एहम कड़ी होती है उसकी कैसे इज़्ज़त करें और सबको एक साथ बना कर रखें इस बात को समझने में भी वक़्त लगा और यह सोच कभी भी बचपने में नहीं आ सकती |
