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तृष्णा भट्टाचार्य

Fitness trainer,Fitness Academy | पोस्ट किया |


आज कल लोग रिलेशनशिप में आने के लिए इतने पागल क्यों रहते हैं ?


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Media specialist | पोस्ट किया


रिलेशनशिप, प्यार - मोहब्बत आजकल यह सिर्फ जज़्बात नहीं रहे बल्कि स्टेटस सिंबल अर्थात आपके स्टेटस का प्रतीक बन गए हैं | यदि आप रिलेशनशिप में हैं तो आप "कूल" और यदि आप सिंगल हैं तो "फूल" मतलब मूर्ख हैं | नहीं नहीं, ऐसा मै नहीं कह रही, ऐसा तो आजकल लोगो का कहना है और यही उनकी सोच है | लोगो का रिलेशनशिप में आने के लिए इतना पागल होना भी इसी सोच का परिणाम है |


यह वह वक़्त नहीं है जब आप अपने प्रेम को छुपा कर रखते थे, यह वह समय है जब आप अपने प्रेम को दुनिया के सामने दिखाने के लिए आतुर रहते हैं | इंस्टाग्राम, फेसबुक और खासकर स्नैपचैट एक ऐसा मंच बन चुका है जहाँ लोग अपना खान-पान, पहनावा और अपने रिलेशनशिप स्टेटस का गुणगान करते नज़र आते हैं | जो दिखाना चाहते हैं वह अपने प्रेमी के साथ तसवीरें डालते हैं, हैशटैग "relationship goals " आदि का उपयोग करते हैं, और जो अपने प्रेमी का नाम या शक्ल उजागर नहीं करना चाहते वह साधारणता से उसका हाथ पकड़े हुए केवल हाथ कि या फिर उँगलियों तक की फोटो को अपलोड करते हैं जिसके साथ साधारणतया हैशटैग "my world" आदि डालते नज़र आते हैं |

रिलेशनशिप के लिए सबके पागल होने का एक कारण यह भी है कि लोगो में "दोस्ती" केवल वह है जिसमे वह घुमते फिरते हैं, बातें करते हैं या अलग अलग प्रकार से मनोरंजन करते हैं, परन्तु अब लोग केवल एक दोस्त पाकर खुश नहीं है | खुश क्यों नहीं हैं क्यूंकि वह भी ट्रेंड में जीना चाहते हैं, अपने रिलेशनशिप का बोलबाला करना चाहते हैं | लोगो के जितने अधिक सोशल नेटवर्किंग में दोस्त बढ़ते जा रहे हैं, उतने ही असल ज़िन्दगी में घटते जा रहे हैं | व्यक्ति के पास 10 लोगों को मैसेज करने का समय है किन्तु साथ बैठे व्यक्ति से 10 मिनट बात करने का नहीं है | यही कारण है कि लोगो ने मान लिया है कि वह व्यक्ति जो उनके अकेलेपन को दूर कर सकता है, उनकी गर्लफ्रेंड या बॉयफ्रेंड ही हो सकता है |

अपनी शाररिक जरूरतें पूरा करना भी एक कारण है कि क्यों लोग रिलेशनशिप में आने के लिए पागल हैं | मतलब कोई तो कारण है न कि फेसबुक पर हजारों लाखों की संख्या में ऐसे लोग भरे पड़े हैं जिनका पहला सवाल ही आपके निजी अथवा शारीरिक जीवन/ गतिविधियों से जुड़ा होता है | मै खुद ऐसे इतने ही दोस्तों से परिचित हूँ जो केवल इसलिए रिलेशनशिप में आना चाहते हैं ताकि वह अपनी शारीरिक इच्छाओं की पूर्ती कर सकें | हाँ यह निराशाजनक जरूर है परन्तु सत्य है | लोगो के लिए प्रेम की परिभाषाएँ बहुत बदल चुकी हैं और यही कारण ही कि अब रिलेशनशिप और प्रेम में ज़मीन आसमान का फर्क हो चुका है | जिस तरह आप किसी से प्रेम करते हैं परन्तु जरूरी नहीं कि रिलेशनशिप में हों, ठीक उसी तरह यदि आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो यह ज़रूरी नहीं कि आप उस व्यक्ति से प्रेम में भी हों |   

एक अत्यधिक महत्वपूर्ण कारण जिससे आप स्वयंम भी परीचित होंगे, वह है अकेलापन | हमारी पीढ़ी अकेली है, हर रूप में | मोबाइल फ़ोन से लोग जितना जुड़ रहे हैं उससे कही ज्यादा वह एक दूसरे से दूर जा रहे हैं, और ऐसा बिलकुल नहीं है कि वह इस बात से परिचित नहीं हैं बल्कि वह पूर्ण रूप से जानते हैं कि वह लोगों से दूर हो रहें हैं, फिर भी वह मुड़कर नहीं देखना चाहते | लोगो के लिए Self respect अर्थात आत्मसम्मान या कहें झूठा आत्मसम्मान उनके रिश्तो से व दोस्ती से बहुत बड़ा हो चुका है, इसीलिए उन्हें यह लगता है कि एक प्रेमी ही वह इंसान हो सकता है जो उनके इस खालीपन और अकेलेपन को दूर कर सकता है, और यदि वह इस कमी को पूरा नहीं कर पता तो ब्रेकअप , रिश्ता ख़त्म | 

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