Entertainment & Lifestyleधार्मिक मान्यता अनुसार रंग पंचमी पर्व कि...
H

| Updated on April 4, 2024 | entertainment

धार्मिक मान्यता अनुसार रंग पंचमी पर्व किसके प्रेम का प्रतीक माना जाता है?

2 Answers
140 views
logo

@kirankushwaha3551 | Posted on April 2, 2024

चलिए दोस्तों आज हम आपको बताते हैं कि रंग पंचमी का त्यौहार किसके प्रेम का प्रतीक माना जाता है।जैसा कि आप सभी जानते हैं कि रंग पंचमी का त्योहार होली के पांचवें दिन मनाया जाता है और यह त्यौहार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन का भगवान कृष्ण और राधा रानी के साथ सभी देवताएं ब्रज में आकर होली खेले थे तभी से इस त्यौहार को मनाया जाने लगा है।

 

रंग पंचमी के दिन श्री कृष्ण राधा रानी के साथ होली खेला करते थे इस उपलक्ष में यह त्यौहार आज भी मनाया जाता है।इसलिए मैं कहना चाहती हूं कि रंग पंचमी का त्योहार भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम का प्रतीक है। इसी कारण से  रंग पंचमी के त्यौहार को कृष्ण पंचमी और देव पंचमी भी कहा जाता है। रंग पंचमी के त्यौहार का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी बैकुंठ से होली खेलकर धरती पर होली खेलने आते हैं।अगर हम इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी को रंग अर्पित करते हैं तो हमारे सभी कार्य मंगलमय होते हैं और शुभ समाचार मिलता है।हमारी सारी समस्याएं दूर हो जाती हैं ।रंग पंचमी का त्योहार आपस में लोगों को जोड़ता है और लोगों के बीच में आपस में प्रेम भरता है।

 

 रंग पंचमी के दिन भगवान धरती पर होली खेलने तो आते ही हैं साथ में उनके सारे भक्त भी इस आस में होली खेलते हैं कि हम भगवान के साथ होली खेल रहे हैं और वह बड़े खुशी से अलग-अलग रंग के ग़ुलाल उड़ाते हैं और बड़े उत्सव के साथ होली खेलते हैं।रंग पंचमी का त्योहार भगवान कृष्ण के द्वारा शुरू किया गया था। ऐसा माना जाता था कि भगवान कृष्ण और राधा रानी अपने प्रेम के रंग को बिखरने के लिए होली खेलते थे और जब वह  होली खेले तो पूरी धरती रंग बिरंगी हो गई यह अद्भुत नजारा देखकर  सभी ग्वाल, गोपी और देवी देवताओं का भी श्री कृष्णा और राधा रानी के साथ होली खेलने का मन करने लगा और इस प्रकार सभी मिलकर एक साथ होली खेलने लगे थें।

 

 

Letsdiskuss

0 Comments
A

@anjalipatel3903 | Posted on April 3, 2024

दोस्तों रंग पंचमी का त्यौहार हमारे पूरे भारत देश में बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि रंग पंचमी का त्योहार होली के 5 दिन बाद आता है। और इस दिन सभी लोग रंग गुलाल के साथ होली खेलते हैं। इतना ही नहीं रंग पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्णा और राधा रानी की पूजा भी की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रंग पंचमी का त्यौहार धार्मिक मान्यता के अनुसार किसके प्रेम का प्रतीक माना जाता है शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

 दोस्तों चैत्र कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी का त्योहार हमारे भारत देश में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्णा और राधा रानी जी बैकुंठ से होली खेल कर धरती पर होली खेलने के लिए आते हैं। इसलिए आप सभी लोगों को रंग पंचमी के दिन भगवान श्री कृष्ण के साथ-साथ अन्य देवी देवताओं को भी रंग गुलाल लगाना चाहिए। क्योंकि  ऐसी धार्मिक मान्यताएं हैं कि रंग पंचमी के दिन रंग गुलाल खेलने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। यह भी कहा जाता है की होली वाले दिन भगवान श्री कृष्णा और राधा रानी ने एक दूसरे को गुलाल लगाया था तथा होली का त्यौहार बड़े धूमधाम के साथ मनाया था। इसलिए रंग पंचमी के त्यौहार को राधा कृष्ण के प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है।

 

 साल 2024 में रंग पंचमी का त्योहार 30 मार्च को मनाया जाएगा। दोस्तों रंग पंचमी के त्यौहार को होली के त्यौहार के रूप में भी जाना जाता है। और हमारे भारत देश के हिंदू धर्म के लोग इस त्यौहार को बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं। एक दूसरे को गुलाल लगाकर गले लगाते हैं।

 

 

Letsdiskuss

 

 

 

0 Comments