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Updated on Jan 10, 2022others

एक छात्र के रूप में, आप भारत के शिक्षकों से क्या कहना चाहते हैं?

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Answered on Jan 7, 2022

मै एक छात्र होने के नाते भारत के शिक्षको से यही अनुरोध करता हु कि यदि क्लास मे 100 बच्चो मे से 20 बच्चो का मन पढ़ने मे नहीं लगता है, तो अन्य बच्चो का भविष्य बर्बाद ना करे क्योंकि अक्सर ऐसा होता है कि कुछ बच्चो का मन पढ़ने नहीं लगता है तो टीचर क्लास मे आना पढ़ाना बंद कर देते है, जिस वजह से अन्य बच्चो भविष्य बर्बाद होता है क्योंकि जो बच्चे पढ़ना चाहते है भविष्य कुछ बनना चाहते है उनको मन लगा कर शिक्षकों को पढ़ाना चाहिए,यह शिक्षको कर्तव्य है ताकि वो बच्चे पढ़ लिखकर कुछ बनकर अपने माता -पिता, शिक्षको और अपने देश का नाम रोशन करे।

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Answered on Jan 8, 2022

मैं एक छात्र हूं और मेरा सभी शिक्षकों से यही अनुरोध है कि जब भी वह क्लास में बच्चों को पढ़ाने आए तो उन्हें सभी बच्चों पर ध्यान देना होगा क्योंकि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो पढ़ाई में बिल्कुल भी ध्यान नहीं देते हैं और पढ़ने वाले बच्चों को भी पढ़ने नहीं देते हैं उन्हें डिस्टर्ब करते हैं ऐसे में शिक्षकों को बच्चों पर पूरा ध्यान देना चाहिए कि क्लास में अगर 50 बच्चे हैं तो उनमें से कुछ बच्चे पढ़ने वाले होते हैं और कुछ बिल्कुल नहीं पड़ते हैं ऐसे में पढ़ने वाले बच्चों का भविष्य खराब हो जाता है इसलिए शिक्षकों को शरारती बच्चों को सुधार कर उनके भविष्य को उज्जवल बनाना होगा ।Article image

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Answered on Jan 9, 2022

* मैं अपने देश के सभी शिक्षकों से यह अनुरोध करना चाहती हूं कि वह अपने सभी बच्चों को ज्ञान दे और उसके साथ ही उनको एक अच्छा इंसान बनाएं ! हमारे मां-बाप के अलावा दूसरे हमारे टीचर ही होते हैं जो हमें सही मार्गदर्शन देते हैं! क्योंकि, हमारे देश के बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ दीक्षा की भी जरूरत होती है ! ताकि वह अपने ज्ञान के साथ-साथ एक अच्छे इंसान भी बन सके और गरीबों की मदद कर सकें! हमारे जीवन में हमारे टीचरों का बहुत योगदान रहता है! इसीलिए हमारे टीचरों को चाहिए कि वह सभी बच्चों को एक समान देखना चाहिए!जो बच्चे पढ़ाई में कमजोर होते हैं उन्हें उन पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए ताकि वह भी अपना उज्जवल भविष्य बना सके! Article image

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Answered on Jan 10, 2022

मैं एक छात्र होने के नाते हर शिक्षकों से अनुरोध करती हूं कि जब भी कोई शिक्षक क्लास में आते हैं तो उन्हें प्रत्येक बच्चों पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनको पढ़ने लिखने की रूचि नहीं होती वह अपने घर परिवार वालों की डर से स्कूल आते हैं मगर उनको पढ़ने में रुचि नहीं लगती तो मैं टीचरों से अनुरोध करना चाहती हूं कि उन बच्चों के मन में भी जागरूकता पैदा करें कि वे बच्चे भी पढ़ने लगे। क्योंकि स्कूलों में बच्चों की जनसंख्या अगर 70 होती है तो इसमें से 40 बच्चों की पढ़ने में रुचि लगती है तो 30 बच्चे के पढ़ने में बिल्कुल रुचि नहीं होती है जिसके कारण टीचर अक्सर उन 40 बच्चों को ध्यान देते हैं जिनकी पढ़ने में रुचि होती है लेकिन टीचरों से मेरा अनुरोध है कि वे उन 30 बच्चों को भी ऐसी सीख दे कि वह 40 बच्चों की तुलना करके वे भी पढ़ाई पर अपना मन लगाएं और अपने जीवन में कुछ आगे कर सकें.।Article image

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