अक्सर हमें बचपन से ही XX और XY गुणसूत्र के बारे में पढ़ाया जाता है। क्योंकि गुणसूत्र के बारे में जानना हमारे लिए बेहद जरूरी होता है। दोस्तों मैं आपको बता दूं कि इंसानों में पुरुषों में XY क्रोमोजोम्स होता है। और महिलाओं में XX क्रोमोजोम्स पाया जाता है। और मैं आपको बता दूं कि इनका नाम अंग्रेजी अक्षरों में इसलिए पड़ा क्योंकि यह X और Y अक्षरों से मिलते जुलते हैं। दोस्तों XX और XY गुणसूत्र को सेक्स क्रोमोजोम या लिंग क्रोमोसोम के नाम से भी जाना जाता है। इन्हीं गुणसूत्र के आधार पर मनुष्य जाति के लिंगो को दो श्रृंखला में विभाजित किया गया है।
चलिए हम आपको गुणसूत्र के बारे में कुछ अन्य जानकारी देते हैं:-
सबसे पहले मैं आपको बता दूं कि लिंग गुणसूत्र एक प्रकार का गुणसूत्र होता है जो किसी व्यक्ति के लिंग का निर्धारण करने में भूमिका निभाता है। इन्हीं के द्वारा हम पता लगा सकते हैं कि महिला और पुरुष के बीच क्या अंतर है।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मनुष्य में 22 जोड़ी ऑटोसोम और एक जोड़ी सेक्स क्रोमोजोम पाए जाते हैं।
दोस्तों गुणसूत्र डीएनए और प्रोटीन के द्वारा बनते हैं। और यह यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में स्थित होते हैं।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि पौधों से लेकर जानवरों तक प्रत्येक जीवित प्रजाति में गुणसूत्र की एक निश्चित संख्या मौजूद होती है।
मैं आपको सबसे जरूरी बात बताना चाहूंगी कि मैन संतान को केवल X गुणसूत्र दे सकती है। लेकिन पिता X और Y गुणसूत्र दोनों दे सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि X क्रोमोजोम्स में 800 से 900 जीन मौजूद होते हैं। जो की प्रतिरक्षा प्रणाली और यो विकास से संबंधित कई कार्यो के लिए जिम्मेदार होते हैं।
चलिए मैं आपको बताती हूं कि गुणसूत्र की खोज सबसे पहले किसने की थी तो दोस्तों गुणसूत्र की खोज सबसे पहले वाल्थर फ्लेमिंग ने की थी। इन्होंने सन 1878 में नाभिक में मौजूद धागे जैसी संरचना को क्रोमैटिन नाम दिया था।


