सोशल मिडिया का हमारे समाज पर कुछ अच्छा और कुछ बुरा असर भी पड़ता हैं। आज के बदलते समय के अनुसार कुछ गिने चुने लोग होगे जो सोशल मिडिया का उपयोग नही करते है बच्चे, नौजवान, बूढ़े सभी आज कल सोशल मिडिया पर घंटो -घंटो भर ऑनलाइन रहते है। लोग अपने कामकाज छोड़कर फेसबुक, व्हाट्सअप, यूट्यूब, ट्विटर,आदि पर अपने मनोरंजन के लिये ऑनलाइन रहते है,आजकल सोशल मिडिया बहुत ही प्रसिद्द हो चूका है।
अपने मित्रो को कोई भी मैसेज,फोटो, विडियो सेंड करने के लिये सोशल मिडिया का उपयोग बहुत अधिक करते है। भारत मे 80 करोड़ लोगो के पास मोबाइल फ़ोन है जिसमे से 30 करोड़ लोग स्मार्ट मोबाइल फ़ोन का उपयोग कर रहे है,तथा 40 करोड़ लोग अक्सर सोशल मिडिया मे सक्रिय देखने को मिलते है।
आजकल देश के प्रधानमंत्री नारेन्द्र मोदी जी भी ज्यादातर सोशल मिडिया का उपयोग करते हुए नज़र आ रहे है। क्योंकि नरेंद्र मोदी सोशल मिडिया व्हाट्सप्प, फेसबुक, इंस्ट्राग्राम, ट्विटर आदि के माध्यम से वह अपनी बात जनता तक पंहुचाते है, कोई भी नयी योजना या नया नियम निकालते है तो वह अपने द्वारा कही हुयी बात को सोशल मिडिया मे बोल कर अपना वीडियो अपलोड करते है ताकि लोग देखे और उनकी बातो का पालन करे।
आज कल ज्यादातर बच्चे सोशल मिडिया के द्वारा पढ़ाई करना पसंद करते है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते प्रकोप के वजह से देश भर मे ऑनलाइन क्लासेस स्टार्ट हो गई है। जिसके द्वारा बच्चो को घर पर ही रह कर मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करके ऑनलाइन पढ़ाई करना है लेकिन बच्चे पढ़ाई करने के बहाने मोबाइल लेकर बैठ जाते है और पढ़ाई करने के बजाय सोशल मिडिया फेसबुक मे दोस्तो से चैटिंग करने लग जाना, वीडियो गेम खेलना, मूवीज देखना, सॉन्ग आदि चीजों मे बीजी हो जाते है जिसके कारण वह पढ़ाई मे कम ध्यान दे पाते है,और ज्यादातर सोशल मिडिया मे चिपके रहने से उनकी आँखे खराब होती है और बुरी चीजों की लत लग जाती है।
इसके अलावा आज कल सोशल मिडिया मे कुछ गंदे वीडियो भी वाइरल हो रहे है जिसके कारण बच्चे उन वीडियो को देखते है, तो उनके मानसिक और शारीरिक स्थिति पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। कभी -कभी तो सोशल मिडिया मे लडके लड़कियो की आईडीई बना कर लड़कियो से गन्दी चैटिंग करते है और वही चैटिंग की स्क्र्रीनशॉट लेकर सोशल मिडिया मे अपलोड करते है जिसको पूरी दुनिया के लोग देखते है, और उनके मन मे भी यही सब गन्दी चीजे भर जाती है वह भी यही सब सोचने और करने पर मजबूर हो जाते है। हम कह सकते है कि सोशल मिडिया एक तरह से बहुत ही उपयोगी भी है और एक तरह से अनुपयोगी भी है जिसका बुरा असर बच्चो की लाइफ मे ज्यादा पडता है
