मनुष्य के जीवन में कई बार ऐसी परिस्थिति आ जाती है। जब सब कुछ उसकी वाणी पर ही निर्भर करता है। ऐसे में हमेशा बुद्धि से काम लेना चाहिए वह कुछ परिस्थितियों में शांत रहना चाहिए। क्योंकि बोलने से हमारे व्यवहार और गुणों का पता चलता है। कभी-कभी हम बिना सोचे समझे ऐसा बोल देते हैं। जिससे लोगों को हमारी वाणी कर्कश लगने लगती है। काला तो कौवा भी होता है और कोयल भी। कौवा जब भी बोलता है उसकी आवाज हमें कर्कश सुनाई देती है। जब कोयल बोलती है उसकी आवाज हमें मीठी सुनाई देती है। जबकि कोयल बसंत ऋतु में आने तक शांत रहती है और बसंत आजाने के बाद मधुर वाणी बोलती है। इसलिए सबको कोयल अच्छी लगती है। अगर हम कोयल नहीं बन सकते तो हमें खुद को कौवा बनने से रोकना होगा। जब भी बोलो मधुर बोलो क्योंकि गलत बोलने से चुप रहने में ही फायदा है।
चुप रहना कितना जरूरी है?
Join this conversation
1. मौन आंतरिक शांति प्रदान करता है।
आज के समय की लाइफस्टाइल मे लोगो के जीवन मे काम क़ो लेकर तनाव अधिक रहता है जिसकी वजह से दिमाग में हर समय तनाव रहता ही है ऐसे में यदि आप हर रोज कुछ समय तक चुप रहने की प्रैक्टिस करते हैं तो इससे आपके दिमाग मे तनाव पैदा करने वाले हार्मोन के लेवल में कमी आएगी इससे आपका दिमाग शांत होगा, गुस्सा नियंत्रित होगा और तनाव पैदा करने वाले हॉर्मोन्स का लेवल घटता जाएगा, इसलिए हमें दिन मे कम से कम 3 -5मिनट चुप रहना चाहिए, इससे मन शांत रहता है।

* हमें बिना किसी वजह के अधिक नहीं बोलना चाहिए ! क्योंकि,बोलने से भी एनर्जी खत्म होती है ! इसीलिए हमें वहां पर बोलना चाहिए जहां पर हमारे बोलने का कुछ अर्थ निकले ! हमें वहां पर कभी भी नहीं बोलना चाहिए जहां पर हमारे ना बोलने के कारण किसी व्यक्ति की जान बच रही हो ! हमें किसी मूर्ख व्यक्ति के सामने नहीं बोलना चाहिए ! क्योंकि, हमारे बोलने से उसको कोई फर्क नहीं पड़ेगा ! हमें अपने बड़ों के बीच कभी नहीं बोलना चाहिए जिससे हमारे संस्कार का पता चलता है !
शिवजी पर लौग चढ़ाने से कई सारे लाभ होते है -
• यदि कोई कुंवारी कन्या शिवजी के शिवलिंग मे सोमवार के दिन 11 लौग चढ़ाती है और पूजा -पाठ करती है तो शिव जी उन पर प्रसन्न होकर उन्हें अच्छे वर की प्राप्ति का वरदान देते है।और उस कन्या को अच्छा वर मिलता है और वह आपने जीवन मे हमेशा खुश रहती है क्योंकि उसे शिव जी के रूप मे अच्छा वर मिलता है।
और पढ़े- प्रयागराज में कौन सा ऐसा मंदिर शिव का है, जहां पर शिवजी की लगती है अदालत?
कभी-कभी चुप रहना भी जीवन के लिए बहुत जरूरी होता है आपने तो ये कहावत सुनी होगी एक चुप सौ को हराए, एक चुप सबको सुख दे जाए इसलिए हमें कई बार चुप रहना पड़ता है क्योंकि एक मूर्ख व्यक्ति के सामने कुछ कहने से अच्छा होता है कि चुप रह कर उसका उत्तर दिया जाता है क्योंकि अगर उसके आगे आप कुछ बोलेंगे तो वह बात को हमेशा बढ़ाता है इसलिए चुप रहना ही अच्छा होता है लेकिन हमेशा चुप रहना मूर्खता कहलाती है जहां पर अन्याय होता है वहां चुप रहना उचित नहीं होता इसलिए हमें वहां कुछ ना कुछ ऐसी बोलना है कि सामने वाले बोलती बंद हो जाए और वह लड़ाई झगड़ा बंद कर दे।


