प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में 6 पड़ोसी देशों को शामिल किया गया है| बिम्सटेक में शामिल बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, के अलावा किर्गिस्तान और मॉरीशस को न्योता भेजा गया है पाकिस्तान को शपथ ग्रहण से दूर रखने के लिए सार्क के देशों को नहीं बुलाया गया हैं इस बात से साफ स्पष्ट होता है कि सरकार दूसरे कार्यकाल में पाकिस्तान से दूरी बनाए रखेगी, लेकिन बाकी पड़ोसी देशों के साथ अच्छे रिश्ते की उम्मीद है|
इजरायल के राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू समारोह में आ सकते थे मगर उनके साथ अरब जगत के नेता भी बुलाने पडते, रमजान का महीना होने के कारण ओमान, सऊदी अरब और मध्य एशिया को नहीं बुलाए गया हैं| ऐसी जानकारी मिली है कि शपथ ग्रहण समारोह में तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता शिवाजी द बॉस रजनीकांत को भी स्पेशल आमंत्रित किया गया है
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में कितने देशों के नेता शामिल हो सकते है?
भाजपा ने चुनाव 2019 के जीतने के साथ मोदीजी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने की तैयारियां शुरू कर दी है। वैसे भी इस ताम जाम भरे शपथ समारोह को भी सरकार द्वारा शक्ति प्रदर्शन का ही जरीया बना दिया गया है। काफी सारे देशो को न्यौता भी भेज दिया गया है। वैसे भी विदेशो में घूमने के शौक़ीन ऐसे मोदीजी इन सब देशो के नेताओ की आव भगत और कब कर पाएंगे।
सौजन्य: पीएलएन
इस बार के इस शपथ समारोह में सारे पडोशी देशो को न्यौता दिया गया है पर प्रधानमंत्री जी के मित्र इमरान खान और पाकिस्तान को न्यौता नहीं दिया गया। इस हरकत से मोदीजी ने पाकिस्तान से अब दूरी बनाये रखने के संकेत भी दिए है और दोनों देशो के रिश्ते आनेवाले दिनों में सुधरेंगे नहीं यह भी दिखा दिया है।