हाथी के गर्भकाल लगभग 22महीने का होता है,बच्चे का वजन लगभग 90से 104किलो होता है।हाथी का बच्चा ज़ब तक बड़ा नहीं हो जाता है, तब तक माँ के आस -पास रहता है, जैसे -जैसे हाथी का बच्चा बड़ा होने लगते है वह अपने झुंड से अलग हो जाता है।
हाथी का बच्चा उम्र के हिसाब से खाना भी ज्यादा खाने लगता है और वह जंगल मे पेड़ -पौधे की पत्तीयाँ,टहलनियाँ तथा फल, फूल, केला, गन्ना खाने लगता है। हाथी एक दिन मे करीब 120किलो खाना खाकर पेट भरते है और हाथी दिनभर मे लगभग 200 लीटर पानी पी जाता है इसलिए हाथी का शरीर काफ़ी भारी भरकम होता है।
वही कुछ लोग हाथियों क़ो अपने घरो मे पालते है, तो उन्हें शुरुवात मे कैद करके रखते है ताकि किसी इंसान क़ो हाथी नुकसान न पहुंचा सके। ज़ब हाथी नियंत्रण मे आ जाता है तो हाथी क़ो कैद से आज़ाद करके हाथियों क़ो सर्कस लाया जाता है और सर्कस मे हाथियों क़ो गेम खेलना सिखाया जाता है और उसी के अनुसार हाथी काम करने लगते है। कुछ लोग हाथियों का इस्तेमाल ईंट, रेता, गिट्टी लाने -ले जाने का कार्य करता है।
हाथी एक ऐसा जानवर है जो बहुत ही उपयोगी माना जाता है, हाथी का शिकार बहुत ही ज्यादा किया जाता है इसलिए हाथियो की प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर आ गयी है।
हाथियों का शिकार करके हथियो की चमड़ी का इस्तेमाल करके बैल्ट बनाया जाता है साथ ही हाथियों के दांतो से कंधी,चूड़ीयां बनाये जाते है क्योंकि प्राचीन काल मे राजघरानो की महिलाएं हाथी के दांतो से बनी चूड़ियाँ ज्यादा पहनती थी। हाथी के दांतो से बनी चूडियो बहुत ही महंगी बिकती थी, साथ ही हाथी के दांतो से बनी चूड़ियाँ की डिमांड अधिक होने के कारण राजघराने की महिलाएं एडवांस मे दुकानदार क़ो पैसे देकर जाती थी।

