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Anushka

Updated on Mar 23, 2026others

पतझड़ का मौसम किस महीने में आता है?

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Updated on Mar 21, 2026

परिवर्तन ही संसार का नियम है। यह बात केवल मनुष्यों पर ही नही बल्कि पेड़ पौधों पर भी लागू है। 

हर साल सभी पेड़ सितम्बर से लेकर दिसम्बर  महीने तक  अपने पेड़ के सभी पत्तों को गिरा देते है। इसे पतझड़ कहते है। 

पतझड़ की प्रक्रिया जिन महिनो मे होती है उसे पतझड़ का मौसम कहते है। 

पतझड़ के बाद बसंत ऋतु यानी जनवरी माह से मार्च माह तक मे इन पेड़ों पर सुंदर और कोमल कोमल पत्तियाँ उगन लगती हैं। 

वसंत ऋतु में मौसम सुहाना हो जाता है ना ज्यादा गर्मी ना ज्यादा ठंड होती है। वसंत ऋतु मे धीरे धीरे दिन बड़े होने लगते है और राते छोटी होने लगती हैं। 

उसी प्रकार पतझड़ के मौसम मे सर्दियों के आगमन की तैयारी होती। इसमे दिन छोटे होने लगते है और राते बड़ी होने लगती हैं। 

पेड़ों के पत्ते पीले रंग के होकर अपनी शाखा का साथ छोड़ देते है। और बाद मे उसी जगह नये पत्ते उग जाते है। 

यह मौसम काफी सुहाना होता है और सभी को यह मौसम बहुत अच्छा लगता हैं। 

हल्की हल्की ठंडी हवाएं ना गर्मी का एहसास दिलाती है और ना ही ठंड का। 

पक्षी तथा चिडिया अपने  घोसलो मे भोजन को एकत्रित करना शुरू कर देते है ताकि उन्हे आने वाले मौसम मे परेशानी ना हो। 

इस सुहाने मौसम मे ही बड़े त्योहार जैसे दशहरा, और दीपावली आते है। 

पतझड़ के मौसम मे पेड़ों से पत्तियाँ गिरने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक होती हैं। सितम्बर का मौसम शुरू होते से पेड़ों की पत्तियाँ पहले पीली, नारंगी होना शुरू होती हैं और दिसम्बर के अंत तक वह इन पत्तियों को अपने पेड़  की शाखाओ से नीचे गिरा देते है। 

जब पेड़ों की सुखी पत्तियाँ इस तरह नीचे गिरी हुई होती है तो जमीन पर एक प्राकृतिक सुंदरता दिखाई देते है । 

प्रकृति द्वारा होने वाली सभी घटनाएं बहुत ही सुंदर होती हैं। 

Letsdiskuss

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Updated on Mar 21, 2026

चलिए दोस्तों हम आपको आज इस आर्टिकल में बताते हैं कि पतझड़ का मौसम किस महीने में आता है:-

दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि उत्तरी गोलार्ध के चार मुख्य मौसमों में से एक है पतझड़ का मौसम। पतझड़ के मौसम को कई जगहों पर शरद ऋतु के नाम से भी जाना जाता है। पतझड़ का मौसम गर्मी और सर्दी के मौसम के बीच होने वाले चार मुख्य मौसमों में से एक है। दोस्तों सितंबर, अक्टूबर ,नवंबर और दिसंबर के 4 मा पतझड़ के मौसम कहलाते हैं। हमारे भारत देश में पतझड़ का मौसम लगभग 2 महीने तक होता है। और यदि अंग्रेजी कैलेंडर की बात की जाए तो यह शरद ऋतु का मौसम अक्टूबर और नवंबर के महीने में होती है। पतझड़ के मौसम समय दिन छोटे हो जाते हैं। और तापमान धीरे-धीरे गिरता है क्योंकि प्रकृति आगे सर्दियों की तैयारी करती है। पतझड़ के मौसम में पत्ते गिरना शुरू हो जाते हैं। दोस्तों पतझड़ का मौसम काफी आनंद का मौसम होता है। पतझड़ का मौसम पशु पक्षियों को भी बहुत पसंद आता है। अक्सर इस मौसम में पशु पक्षी काफी खुश नजर आते हैं, पक्षी चहचहाने लगते हैं गाना गाने लगते हैं, तितलियां फूलों पर मंडराने लगते हैं। इसके अलावा पतझड़ के मौसम में कई प्रसिद्ध हिंदू त्यौहार भी मनाए जाते हैं जैसे की, होली का त्यौहार, बसंत पंचमी का त्यौहार, गुड़ी पड़वा का त्यौहार, बैसाखी और हनुमान जयंती भी इसी मौसम पर मनाए जाते हैं।

आइये हम आपको बताते हैं कि यदि आप पतझड़ के मौसम का आनंद लेना चाहते हैं तो आपको क्या करना चाहिए :-

दोस्तों पतझड़ के मौसम में कद्दू का सेवन करके इसका आनंद लेना चाहिए। इसके अलावा पतझड़ के मौसम में घर के बाहर निकaावना होता है।

Letsdiskuss

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N
Answered on Mar 21, 2026

पतझड़ का मौसम वह समय होता है जब पेड़ों के पत्ते सूखकर गिरने लगते हैं और मौसम धीरे-धीरे बदलने लगता है।

भारत में पतझड़ को आमतौर पर शरद ऋतु से जोड़ा जाता है। यह मौसम मुख्य रूप से सितंबर से नवंबर के बीच आता है।

इस दौरान बारिश कम हो जाती है, आकाश साफ रहता है और हल्की ठंड का एहसास शुरू हो जाता है।पेड़ों के पुराने पत्ते झड़ने लगते हैं और नई कोंपलें आने की तैयारी होती है।

यह मौसम न तो ज्यादा गर्म होता है और न ही ज्यादा ठंडा, इसलिए इसे सुहावना माना जाता है। पतझड़ का समय प्रकृति में बदलाव और नए चक्र की शुरुआत को दर्शाता है।

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