भारत में तो यह बहुत आम है, मै भी जब अपनी मम्मी से पूछती हूँ कि मम्मी कहीं घूमने जाने दो, चलो गोवा नहीं तो मनाली ही जाने दो, पर मेरी मम्मी का तो केवल एक ही जवाब होता है, नहीं |
मम्मी का कहना होता है की जहाँ जाना है शादी के बाद ही जाना, इस छोटी सी पंक्ति से मम्मी के बहुत से जवाब होते है और बहुत सी चिन्ताएँ भी | हम अभी बच्चे हैं ( मम्मी पापा के लिए तो हैं ही ) और इसी कारण वह हमे जितना हो सके अपने पास सुरक्षित रखना और फिर ऐसे हाथो में सौंपना चाहते हैंजो उनके जितना ही हमे सुरक्षित रखें | इस लिए मम्मी यह कहती हैं
कि जहाँ जाना शादी के बाद जाना | इसके अलावा ऐसे बहुत से कारण हैं जो मम्मी को, हमे घूमने जाने देने से रोकतेहैं |
जैसे आजकल कलयुग के हालात हैं, कोई किसी पर भरोसा ही नही कर सकता, और यही मम्मी की सबसे बड़ी चिंता है | देश में बेटियाँ सुरक्षित नहीं हैं, और अपनी बेटी को खोना या उसे कुछ भी होता देख पाना माता पिता के लिए आसान नहीं है | हम अपनी ख्वाइशों को पूरा करने के बारे में सोचते रहते हैं और हमारी माँ हमे सुरक्षित रखने के |
कई बार यह बहुत हास्यपद भी लगता हैं कि मम्मी का हर बार एक ही जवाब होता हैं कि शादी के बाद घूमना, परन्तु यदि आप सचमुच शादी से पहले ही घूमना चाहती हैं तो मम्मी से लड़ने या रूठने की बजाय अपने दोस्तों को उनसे मिलवाइए | जितना हो सके उनका आप पर विश्वास पैदा कराइये, इससे होगा ये कि वह आपको काबिल समझेंगी और यकीनन आपको कही घूमने जाने कि इजाजत दे देंगी, क्योंकि यही सबसे अच्छा रास्ता है शादी से पहले घूमने जाने का |