जी हां बिल्कुल प्लास्टिक की थैली मे दूध लेना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि प्लास्टिक मे हानिकारक रसायन पाये जाते है जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। क्योंकि प्लास्टिक की थैली मे दूध लेते है, तो प्लास्टिक की थैली मे हानिकारक रसायन दूध मे घुस जाते है जिसके कारण स्वस्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है। क्योंकि वही दूध हम बच्चों क़ो पिलाते है और वही दूध खुद भी पीते है, जिस वजह से बच्चों, बुजुर्गो सभी की तबियत खराब हो जाती है।
भारतीय बाज़ारो मे तीन प्रकार से दूध मिलता है। एक दूध पैकिंट बंद आता है और दूसरा दूध डेयरी मे मिलता है, तीसरा तरीका है दूध प्लास्टिक की थैली मे आता है। लेकिन वही पैकिंट बंद दूध सेहत के लिए हानिकारक होता है।क्योंकि पैकिंट मे बंद दूध बहुत दिनों का भी रहता है और पैकिंट बंद दूध मे केमिकल भी मिक्स रहता है, क्योंकि पैकिंट बंद दूध जो है वह लोग ज्यादा खाते है क्योंकि मोटा दूध रहता है लोगो क़ो लगता है कि पैकिंट वाला दूध ऊंट का दूध होता है। लेकिन वह दूध ऊंट का नहीं होता है, बल्कि पैकिंट वाले दूध मे सफ़ेद रंग का कोई केमिकल मिक्स किया जाता है जिससे दूध मोटा हो जाता है और दूध का स्वाद अलग हो जाता है।
वही दूसरी ओर डेयरी से दूध लाते है, क्योंकि हमें डेयरी वाला दूध प्लास्टिक की थैली मे भरकर देता है।वही हानिकारक रसायन प्लास्टिक थैली पाये जाते है, जो दूध मे चले जाते है। वही दूध इंसान खाता है, जिसके कारण स्वस्थ पर बहुत ही बुरा प्रभाव पड़ता है। यदि आप डेयरी दूध लेने के लिए जाते है, तो आप घर से जाएं तो कोई बर्तन लेकर जाएं और उसी बर्तन मे दूध लेकर आये, क्योंकि प्लास्टिक के बॉटल या प्लास्टिक पॉलीथिन मे दूध लेकर आते है तो आपकी सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होता है।






